असम चुनाव के बीच हेमंत सोरेन: आज भी कुली जैसे शब्दों से नीचा दिखाते, टी ट्राइब कहकर सीमित करते

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CM hemant soren

असम विधानसभा चुनाव : आज असम के बोरचल्ला विधानसभा में तीर-धनुष जेएमएम प्रत्याशी अब्दुल मज़ान के पक्ष में आयोजित कार्यक्रम में सीएम हेमंत सोरेन शामिल हुए। सीएम ने मौजूद जनता को संबोधित करते हुए सभी से अपील की है कि आगामी 9 अप्रैल के दिन तीर-धनुष के निशान पर अपना आशीर्वाद देकर न्याय और सम्मान की इस लड़ाई को मजबूत करें।

इसके आलावा आज सीएम हेमंत सोरेन ने एक्स पर एक पोस्ट पिन किया है जिसमें उन्होंने लिखा :

चाय बागानों को आदिवासी समाज ने अपने खून-पसीने से सींचा, लेकिन इतिहास की सबसे बड़ी विडंबना यह है कि उसी समाज को आज हाशिए पर धकेल दिया गया है। जिन हाथों ने असम की पहचान गढ़ी, उन्हीं हाथों को अधिकारों से वंचित रखा गया।न ज़मीन का हक़, न शिक्षा में बराबरी, न सामाजिक सम्मान – और ऊपर से अपमान की विरासत: टी ट्राइब  कहकर सीमित करना, अधिकार नहीं देना और आज भी कुली जैसे शब्दों से नीचा दिखाना।ये सिर्फ़ शब्द नहीं हैं, यह सदियों के शोषण और उपेक्षा की मानसिकता का प्रतीक हैं।अंग्रेज़ों के दौर में आदिवासी समाज को उनके घरों से दूर लाकर बागानों में झोंक दिया गया, और आज़ादी के इतने वर्षों बाद भी उनकी स्थिति में मूलभूत बदलाव नहीं आया – यह हमारे लोकतंत्र पर एक गंभीर प्रश्न है।क्या जिन लोगों ने इस धरती की अर्थव्यवस्था को खड़ा किया,उन्हें आज भी अपने अस्तित्व और पहचान के लिए संघर्ष करना पड़ेगा?मैं यह स्पष्ट कहना चाहता हूँ – यह लड़ाई सिर्फ़ राजनीतिक नहीं है, यह सम्मान, पहचान और ऐतिहासिक न्याय की लड़ाई है।समय आ गया है कि आदिवासी समाज को उनका पूरा अधिकार मिले – पहचान भी, सम्मान भी और संवैधानिक हक़ भी।अब चुप्पी नहीं चलेगी।इतिहास के इस अन्याय को हम सबको मिलकर ठीक करना होगा।

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