Chief Minister Hemant Soren will start the Khatiyani Johar Yatra from Garhwa
रांची: हेमंत सोरेन सरकार 8 दिसंबर से यानी की आज से खतियानी जौहर यात्रा शुरू करने जा रही है. यात्रा के पहले चरण में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन तीनों मंडलों के दो-दो जिलों का दौरा करेंगे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन गढ़वा से आज खतियानी जोहार यात्रा की शुरुआत करने जा रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री संबंधित जिलों में चल रही विभिन्न परियोजनाओं, लोक-कल्याणकारी योजनाओं, आदि को लेकर जिला स्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे। खतियानी जौहर यात्रा के प्रारम्भ के अवसर पर मुख्यमंत्री ने ट्वीट किया-”माँ गढ़देवी की पावन धरती गढ़वा से आज खतियानी जोहार यात्रा की शुरुआत कर रहा हूँ। इस दौरान संबंधित जिलों में चल रही विभिन्न परियोजनाओं, लोक-कल्याणकारी योजनाओं, आदि को लेकर जिला स्तरीय समीक्षा बैठक भी करूंगा।जय जोहार!जय झारखण्ड!”
यात्रा के पहले चरण में मुख्यमंत्री तीन संभाग पलामू, दक्षिण छोटानागपुर और संथाल परगना का दौरा करेंगे. वे 8 व 9 दिसंबर को पलामू प्रमंडल के गढ़वा व पलामू रहेंगे. दक्षिण छोटानागपुर के गुमला व लोहरदगा में 12 व 13 दिसंबर को. और 15 दिसंबर को गोड्डा और 16 दिसंबर को देवघर संथाल परगना जाएंगे।हर संभाग के दौरे के पहले दिन मुख्यमंत्री जिले में कार्यकर्ताओं के साथ आमसभा करेंगे. आमसभा में वह गठबंधन के कार्यकर्ताओं की बातें सुनेंगे। अगर कार्यकर्ताओं में कोई नाराजगी है तो मुख्यमंत्री उसे दूर करेंगे ताकि आगामी चुनाव में गठबंधन और मजबूती के साथ चुनाव लड़ सके.मुख्यमंत्री दूसरे दिन दूसरे जिले में पहुंचेंगे, जहां समीक्षा बैठक करेंगे. इसमें जिले व संभाग दोनों के पदाधिकारी व जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे. इसी दिन वे दूसरे जिले में कार्यकर्ताओं के साथ जनसभा करेंगे.हेमंत सरकार में संसदीय एवं ग्रामीण विकास मंत्री का काम देख रहे आलमगीर आलम ने बीते दिनों कहा था कि खतियानी जौहर यात्रा के दौरान हर जिले में संयुक्त रूप से रैलियां निकाली जाएंगी. इसमें यूपीए के तमाम नेता शामिल होंगे। साफ है कि हेमंत सरकार भी यात्रा के जरिए अपनी एकजुटता देखने का काम करेगी.
मुख्यमंत्री और यूपीए के नेता भी रैलियां निकालकर अपने-अपने घोषणापत्र में किए गए वादों से जनता को अवगत कराने का काम करेंगे.इनमें शामिल हैं:• पुरानी पेंशन योजना बहाली का कार्य।• अन्य पिछड़ा वर्ग सहित अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति के लिए आरक्षण का दायरा बढ़ाना।• किसानों के लिए कर्जमाफी और फसल राहत योजना।• पारा शिक्षक, आंगनबाडी कार्यकर्ता एवं सहायिका का मानदेय एवं नियम।• खतियान आधारित 1932 की स्थानीय नीति।• सरना धर्म संहिता के प्रस्ताव को सभा से पारित कर केंद्र को भेजना आदि शामिल हैं।
Chief Minister Hemant Soren will start the Khatiyani Johar Yatra from Garhwa



