राजकीय श्रावणी मेला, 2023 के पहले दिन प्रातः 03:45 बजे मंदिर का पट खुलते ही जलार्पण शुरू हो गया। साथ ही रूट लाईन के हर प्वाइंट पर श्रद्धालुओं के सुविधा और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी किये गये हैं। इसके अलावे जलार्पण हेतु कतारबद्ध कांवरियों को क्यू कॉम्प्लेक्स से मानसिंघी फुट ओवर ब्रीज होते हुए बाबा मंदिर के गर्भ गृह में लगे अर्घा के माध्यम से जलार्पण कराया जा रहा है। इस पावन अवसर पर सीएम हेमंत सोरेन ने शुभकामनाएं देते हुए कहा ”पवित्र श्रावण मास के शुभ अवसर पर सभी को अनेक-अनेक शुभकामनाएं और जोहार।राजकीय श्रावणी मेला में झारखण्ड सरकार आप सभी का स्वागत और अभिनंदन करती है।भगवान भोलेनाथ सभी की मनोकामना पूर्ण करें।हर हर महादेव!”
इससे पहले डीसी ने 3 जुलाई को श्रावणी मेला, 2023 के शुभारंभ पश्चात कल से शुरू हो रहे विश्वप्रसिद्ध को लेकर सम्पूर्ण मेला क्षेत्र अंतर्गत पड़ने वाले रुटलाइन व कांवरिया पथ का निरीक्षण किया। इसके अलावे पुलिस कंट्रोल रूम व नेहरू पार्क स्तिथ आईएमसीआर कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर मेला को लेकर की गई तैयारियों की वस्तुस्थिति का जायजा लिया। साथ ही प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी को मेला के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों को लेकर आवश्यक निर्देश दिया, ताकि श्रावणी मेला के दौरान चौबीसों घंटे कंट्रोल रूम एक्टिव मोड में कार्यरत रहें।इसके अलावे निरीक्षक के क्रम में अधिकारियों की टीम के साथ पैदल भ्रमण कर श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर किये गए विभिन्न इंतजामों की वस्तुस्थिति से अवगत हुआ। साथ ही रुटलाइन में बिजली के पोल के आसपास के क्षेत्र को कवर करने के अलावा विशेष साफ साफ का निर्देश संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिया। आगे रुटलाइन में पड़ने वाले सभी होल्डिंग पॉइंट का निरीक्षण करते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर किए सभी इंतजामों को पूर्ण रूप से दुरुस्त रखने का निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया।निरीक्षण के क्रम में नंदन पहाड़ से सिंघवा काली बाड़ी मोड़, शिल्पग्राम मोड़ से सर्किल से नंदन पहाड़ वाटर फिल्टर पॉइंट, सिंघवा से कुमैठा क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर किए गए विभिन्न कार्यों की जांच करते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक व उचित दिशा निर्देश दिया, ताकि रुटलाइन में कतारबद्ध श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की समस्या या असुविधा न हो। साथ ही दुम्मा बॉर्डर से खिजुरिया कांवरिया पथ में मेला के लिए की जाने वाली व्यवस्थाओं यथा बालू बिछाई का कार्य, पण्डाल, साफ-सफाई, बेरिकेडिंग, पथ प्रकाश, काँवरियों के लिए पेयजल, शौचालय, इंद्र वर्षा, साफ-सफाई, कचड़ा उठाव, वैकल्पिक प्रकाश व्यवस्था, आवासन, स्वास्थ्य सुविधा, सूचना सह सहायत केंद्र, पर्यटन केंद्र आदि की अद्यतन स्थिति की जायजा लिया।



