DST India के सचिव डॉ. चन्द्रशेखर ने कहा रांची में G20 Summit के बाद निकले निष्कर्ष को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ साझा किया जाएगा। इससे ऊर्जा, खाद्य और स्वास्थ्य सुरक्षा के अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा। सचिव ने रांची में G20 Summit के आयोजन पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विज्ञान और प्रोद्योगिकी विषय पर आयोजित इस समिट में सभी G20 देशों के बीच आदान प्रदान पर बल दिया जाने का प्रयास है। सचिव ने रांची में G20 शिखर वार्ता के आयोजन पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि G20 का रांची जैसी खनिज समृद्ध राज्य में होना बहुत महत्वपूर्ण है।
इससे पहले G20 India के विज्ञान और प्रौद्योगिकी संबंधी 2-3 मार्च को आयोजित बैठक में भाग लेने हेतु कोरिया, सिंगापुर, जर्मनी आदि देशों के प्रतिनिधियों का बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर स्वागत हुआ। राज्यवासियों ने कहा, सौभाग्य से इस वैश्विक बैठक की मेजबानी का मौका राँची को मिला है।G20 की बैठक में शामिल होने देर शाम तक आज फ़्लाइट से कई डेलिगेट्स राँची पहुँचे, सभी का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। NITI Aayog के सदस्य डॉ वीके सारस्वत, DST इंडिया के सचिव भी बैठक में शामिल होने हेतु रांची पहुंचे।साऊदी अरब, इंग्लैंड, फ़्रांस,तुर्की,यूएई, दक्षिण अफ्रीका, और इंडोनेशिया से पधारे डेलिगेट्स के साथ, इंटरनेशनल सोलर एलायंस से श्री सबा कलाम, IIT madras के प्रो पद्मश्री डॉ अशोक झुनझुनवाला, DBTIndia, CSIR INDIA जैसी वैज्ञानिक संस्थाओं के शीर्ष पदाधिकारी भी पहुँचे।



