मकबरा v/s मंदिर विवाद: यूपी के फतेहपुर जिले के मकबरे में तोड़फोड़ करने के मामले में हिंदूवादी संगठनों के 10 नामजद और 150 अज्ञात उपद्रवियों पर गंभीर धाराओं में FIR दर्ज. खबर है कि भीड़ मकबरे के ऊपर चढ़ गई और मजार तोड़ दी गई। वहां भगवा झंडा लहराकर नारेबाजी हुई, पूजा-पाठ हुआ था।
भीम आर्मी संस्थापक एवं आज़ाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह नगीना सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने मामले पर एक्स पर लिखा :
उत्तर प्रदेश के जिला फतेहपुर में बीजेपी जिलाध्यक्ष की अगुवाई में भीड़ ने पुलिस बैरीकेड्स तोड़कर आबूनगर स्थित मकबरे परिसर में पहुंचकर मजार तोड़ी, भगवा झंडा लहराया, नारेबाजी की और पत्थरबाजी की — यह सब पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में हुआ।यह सत्ताधारियों द्वारा किया गया सुनियोजित साम्प्रदायिक हमला है। जब संविधान सभी को अपने धर्म का पालन करने का अधिकार देता है, तब सत्ताधारियों द्वारा एक समुदाय के धार्मिक स्थल को तोड़ना लोकतंत्र और सामाजिक सौहार्द के चेहरे पर तमाचा है।भाजपा जिलाध्यक्ष द्वारा इसे मंदिर बताते हुए किया गया यह कृत्य पूजा स्थल (विशेष उपबंध) अधिनियम, 1991 का खुला उल्लंघन है। यह अधिनियम स्पष्ट करता है कि 15 अगस्त 1947 को किसी धार्मिक स्थल का जो स्वरूप था, उसे बदला नहीं जा सकता और किसी भी धार्मिक स्थल को एक धर्म से दूसरे धर्म में परिवर्तित करना प्रतिबंधित है।हम @UPGovt से मांग करते हैं —दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, चाहे वो बीजेपी जिलाध्यक्ष हों या उनके गुंडे।मजार की तुरंत मरम्मत कराई जाए, शांति बहाल की जाए और प्रशासन की सांप्रदायिक मिलीभगत पर जांच बैठाई जाए।देश नफरत से नहीं, इंसाफ और भाईचारे से चलेगा।




