रांची: हर साल 300 होनहार आदिवासी छात्र-छात्राओं को डॉक्टर और इंजीनियर बनाने की तैयारी में जुट गई है हेमंत सरकार.11वीं कक्षा के 75 छात्र-छात्राओं का बैच जेईई के लिए, जबकि 75 का बैच नीट के लिए 2 साल तक कोचिंग कराई जाएगी. 12वीं कक्षा में के भी 75 स्टूडेंट्स को जेईई और 75 स्टूडेंट्स को नीट की एक साल की कोचिंग दी जाएगी. इसके लिए रांची में भवन निर्माण प्रस्तावित है. भवन निर्माण होने तक रांची के हिंदपीढ़ी में मौजूद कल्याण विभाग के भवनों में कोचिंग दी जाएगी.खाने और रहने की भी व्यवस्था होगी.एजेंसी के चयन के लिए 13 अगस्त तक टेंडर प्रक्रिया को फाइनल करने की दिशा में काम चल रहा है. एजेंसी के चयन के बाद मेरिट के आधार पर स्टूडेंस्ट का चयन होगा. बता दें कि राज्य सरकार की पहल पर आकांक्षा योजना के जरिए कक्षा 11वीं और 12वीं के बच्चे अपनी हायर सेकेंड्री की पढ़ाई जारी रखते हुए मेडिकल और इंजीनियरिंग की मुफ्त आवासीय कोचिंग दी जाती है.अब मेडिकल के लिए 75 और इंजीनियरिंग के लिए 100 छात्रों का कोचिंग के लिए चयन होता है.योजना के शुरुआत में 40 छात्रों को इंजीनियरिंग और 40 को मेडिकल बैच के लिए चुना गया था.




