रांची: आगामी दुर्गा पूजा 2026 के अवसर पर जिले में शांति एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने, श्रद्धालुओं की सुरक्षा तथा पूजा आयोजन को सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा सभी पूजा समितियों एवं आयोजकों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।जिला प्रशासन ने पूजा समितियों से अपील की है कि वे सभी निर्धारित दिशा-निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करें तथा प्रशासन एवं पुलिस को आवश्यक सहयोग प्रदान करें।
सार्वजनिक हित को ध्यान में रखते हुए एवं शांति-व्यवस्था तथा विधि व्यवस्था संधारण हेतु सभी पूजा समितियों/आयोजकों के लिए निम्नांकित दिशा-निर्देश दिये गये हैं :-
1. पण्डाल एवं गेट का निर्माण किसी मकान तथा स्थान / गैस गोदाम / ट्रांसफॉर्मर / विद्युत तार / रेलवे लाइन / हाई टेंशन तार आदि से सुरक्षित दूरी पर ही किया जाये।
2. पण्डाल बनाने में ज्वलनशील एवं सिंथेटिक कपड़ों का उपयोग न किया जाये।
3. पण्डाल में महिला एवं पुरुष दर्शनार्थियों के प्रवेश/निकास के लिए अलग-अलग रास्ते बनाये जायें, द्वार की चौड़ाई पर्याप्त रखी जाये तथा महिलाओं एवं बच्चों के लिए दर्शन की विशेष व्यवस्था की जाये। पण्डाल के पीछे भी सफाई एवं रास्ते की व्यवस्था की जाये।
4. आकस्मिक स्थिति में निकास के लिए अलग व्यवस्था की जाये।
5. अस्थायी पण्डाल निर्माण के रूप में भवन निर्माण विभाग के संबंधित अभियंता द्वारा दिये गये दिशा-निर्देशों/सुझावों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए पण्डाल निर्माण के सुदृढ़ता के संबंध में प्रमाण-पत्र प्राप्त किया जाये।
6. पण्डाल की वायरिंग सुरक्षित तरीके से की जाये तथा अर्थिंग की समुचित व्यवस्था की जाये। सभी विद्युत उपकरण एवं धातु निर्मित स्ट्रक्चरों का अर्थिंग किया जाये।
7. पूजा पण्डालों में विद्युत नियंत्रण कक्ष/पैनल ऐसे जगह बनाया जाये, जहाँ विद्युतकर्मी आसानी से जा सकते हों। कक्ष के बाहर विद्युत नियंत्रण कक्ष का बोर्ड प्रदर्शित किया जाये।
8. पण्डालों के समीप विद्युत तारों के रोड क्रॉसिंग की स्थिति में तारों को GI/केबल के साथ पर्याप्त ऊँचाई से ले जाने की व्यवस्था की जाय।
9. पूजा पण्डाल के लिए पर्याप्त क्षमता के जेनरेटर की व्यवस्था की जाये एवं जेनरेटर को पण्डाल से सुरक्षित दूरी पर रखा जाये।
10. झारखण्ड बिजली वितरण निगम लिमिटेड से विद्युत भार स्वीकृत कराते हुए विद्युत कनेक्शन प्राप्त कर ही पूजा पण्डालों में विद्युतीकरण एवं विद्युत सजावट का कार्य किया जाये।
11. पण्डाल में किये गये अस्थायी विद्युत वायरिंग के संबंध में विद्युत विभाग के संबंधित क्षेत्र के अभियंता द्वारा दिये गये दिशा-निर्देशों का अनुपालन करते हुए उनसे विद्युत सुरक्षा संबंधी प्रमाण-पत्र प्राप्त किया जाये।
12. पण्डाल के निकट अथवा पण्डाल में ज्वलनशील पदार्थों को एकत्रित नहीं किया जाये।
13. पण्डाल के अंदर अथवा निकट अग्निशमन यंत्र, पानी एवं सूखे बालू से भरी बाल्टी, रबर हैंड ग्लव्स आदि की व्यवस्था रखी जाये।
14. अग्नि सुरक्षा के संबंध में संबंधित क्षेत्र के अग्निशमन पदाधिकारी द्वारा दिये गए दिशा-निर्देशों/सुझावों का अनुपालन सुनिश्चित करेंगे तथा अग्नि सुरक्षा संबंधी अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त की जाय।
15. प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की जाये।
16. माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश एवं ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियम, 2000 अन्तर्गत आदेश के आलोक में साउंड लाउडस्पीकर का उपयोग रात्रि 10.00 बजे से प्रातः 06.00 बजे तक प्रतिबंधित रहेगा तथा दिनांक-16.07.2024 को जारी आदेश के आलोक में तेज ध्वनि विस्तारक यंत्र का उपयोग वर्जित रहेगा।
17. पण्डालों के अन्दर एवं बाहर तथा आवागमन के रास्तों में पर्याप्त संख्या में CCTV Camera की व्यवस्था की जाये एवं उसके अवलोकन/मॉनिटरिंग की भी व्यवस्था की जाये।
18. पण्डाल के बाहर पण्डाल के पदाधिकारियों एवं प्रशासनिक पदाधिकारियों तथा आपातकालीन सेवा के लिए मोबाइल नंबर को दर्शाया जाये।
19. पूजा समिति द्वारा स्वयं से स्वयंसेवकों की नियुक्ति की जाय तथा उनको परिचय पत्र भी निर्गत किया जाये। स्वयंसेवकों की सूची अपने क्षेत्र के थाना प्रभारी को दी जाये।
20. फूड स्टॉल एवं मेला का आयोजन दुर्गा पूजा पण्डालों से पर्याप्त दूरी पर सक्षम प्राधिकारी की अनुमति से ही संचालित किया जाये। सफाई की व्यवस्था करेंगे तथा राँची नगर निगम के कर्मियों को सफाई में सहयोग करेंगे।
21. पूजा पण्डाल पहुँचने के मार्ग पर सड़कों के किनारे दुकानदारों के द्वारा आवागमन बाधित नहीं करने दिया जाये।




