बुधवार को कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा के हिन्दी के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. जानुम सिंह सोय को “हो भाषा” के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने पद्मश्री से सम्मानित किया।पिछले चार दशकों से, वे हो भाषा, साहित्य व लोकगीतों के संवर्धन के लिए प्रयासरत रहे हैं। उन्होंने हो में 6 किताबें लिखीं व पाठ्यक्रम भी तैयार किया है। पूर्वी सिंघभूम डीसी ने उन्हें बधाई दी है ”पूर्वी सिंहभूम जिले के गौरव घाटशिला निवासी डॉ. जानुम सिंह सोय को ‘हो भाषा साहित्य’ के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवा कार्य के लिए भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से सम्मानित किया गया। डॉ. सोय को जिला प्रशासन पूर्वी सिंहभूम की ओर से बधाई एवं शुभकामनाएं।”



