झारखण्ड बने हुए 20 वर्ष से अधिक हो गए मगर राज्य देश के पिछड़े राज्यों में ही आता है। यह जिम्मेदारी और चुनौती सबके समक्ष है कि कैसे हम इसका सामना करें। अगर अधिकारी एक-एक योजना को लेकर कार्य करें तो बदलाव जरूर हो सकता है। राज्य की बेहतरी के लिए आप व्यक्तिगत सलाह भी हमारे साथ शेयर कर सकते हैं।आप सभी लोग कार्यपालिका के ऐसे अंग हैं जिसके बगैर राज्य की व्यवस्था चलाना संभव नहीं है। कार्यपालिका किसी भी राज्य एवं देश की मजबूत हो तो उस राज्य और देश का अलग वातावरण बना रहता है। कमोबेश दुनिया में भी अलग-अलग देशों की यही व्यवस्था है। सिविल सर्विसेज डे के शुभ अवसर पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं और जोहार।हमारे राज्य में विभिन्न भाषाएं बोली जाती है। इन भाषाओं की जानकारी यहां के पदाधिकारियों को होनी चाहिए। भाषा को लेकर मुख्य सचिव जी से कहूंगा कि जो प्रोबेशनर आते हैं उन्हें राज्य की भाषा की जानकारी हो इसके लिए कार्ययोजना बनाई जाए।स्थानीय भाषा को लेकर अधिकारियों में जागरूकता आए, ताकि यहां के निवासियों को आगे बढ़ाने के लिए बेहतर ढंग से कार्य किया जा सके।आज राज्य में पहली बार सिविल सर्विसेज डे मनाया जा रहा है। मेरी अपील होगी इसे हर साल मनाया जाए।



