चम्पई सोरेन की सरकार के पक्ष में 47 वोट और विपक्ष को मिले 29 वोट,हेमंत सोरेन ने कहा”अगर ईडी के आरोप सही तो छोड़ देंगे झारखण्ड, राजनीति से ले लेंगे संन्यास”

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रांची :झारखंड विधानसभा का 2 दिवसीय विशेष सत्र आज राज्यपाल सी पी राधाकृष्णन के संबोधन से शुरु हुआ।राज्यपाल के अभिभाषण के बाद राज्यपाल सदन से बाहर निकले जिसके बाद मुख्यमंत्री चंपई सोरेन बहुमत साबित करने के लिए विश्वास प्रस्ताव लाया गया.झारखंड विधानसभा के विशेष सत्र में सीएम चंपई सोरेन की तरफ से विश्वास मत का प्रस्ताव पेश हुआ। झारखंड विधानसभा में चम्पई सोरेन की सरकार ने विश्वासमत हासिल कर लिया है। सरकार के पक्ष में 47 वोट मिले जबकि विपक्ष में 29 वोट मिले हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि हेमंत सोरेन ने पिछले चार वर्षों के कार्यकाल में बेहतर काम किया।मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि खाता-बही में किसी तरह का नाम नहीं रहने के बावजूद हेमंत सोरेन को गिरफ्तार कर लिया गया। पूरा देश देख रहा है कि हेमंत सोरेन के साथ किस तरह से अन्याय हुआ है।केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग कर हेमंत सोरेन को साजिश के तहत फंसाने का काम किया गया है।झारखंड के मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन ने आज अपनी सरकार के शक्ति परीक्षण से पहले राज्य विधानसभा को संबोधित करते हुए कहा, “मैं गर्व से कहता हूं कि मैं हेमंत सोरेन का पार्ट-2 हूं…”

झारखंड के मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन के फ्लोर टेस्ट से पहले झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा को संबोधित करते हुए कहा, “यह झारखंड है, यह देश का एक ऐसा राज्य है जहां हर कोने में आदिवासी-दलित वर्गों से अनगिनत सिपाहियों ने अपनी कुर्बानी दी है। ED-CBI-IT जिन्हें देश के विशेष और काफी संवेदनशील व्यवस्थाएं कहीं जाती हैं… जहां करोड़ों रुपए डकार कर इनके सहयोगी विदेश में जा बैठे हैं, उनका एक बाल बांका करने की इनके पास औकात नहीं है। इनके पास औकात है तो देश के आदिवासी दलित-पिछड़ों और बेगुनाहों पर अत्याचार करना… अगर है हिम्मत तो सदन में कागज पटक कर दिखाए कि यह साढ़े 8 एकड़ की ज़मीन हेमंत सोरेन के नाम पर है, अगर हुआ तो मैं उस दिन राजनीति से अपना इस्तीफा दे दूंगा।”पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि देश में पहली बार किसी मुख्यमंत्री का या पूर्व मुख्यमंत्री का या किसी भी व्यक्ति के साथ राजभवन के अंदर गिरफ्तारी हुई है, ऐसी घटना मेरे संज्ञान में नहीं हैं।मुझे लगता है कि इस घटना को अंजाम देने में राजभवन भी शामिल रहा है।31 जनवरी की रात देश के लोकतंत्र में नए तरीके से जुड़ा है।हेमंत सोरेन ने ईडी के सभी आरोप को बेबुनियाद बताया है . साथ ही कहा है कि अगर उनके नाम की 8.5 एकड़ जमीन के कागजात को सामने रख दिया जाए, इतना ही नहीं वे झारखंड छोड़ देंगे और राजनीति से सन्याय ले लेंगे। मुझे कोई गम नहीं कि मुझे आज ED ने पकड़ा है… झारखंड मुक्ति मोर्चा का उदय झारखंड के मान, सम्मा, स्वाभिमान को बचाने के लिए हुआ है और जो भी बुरी नज़र डालेगा उसे हम मुंह तोड़ जवाब देंगे…”मैं आंसू नहीं बहाऊंगा, आंसू वक्त के लिए रखूंगा, आप लोगों के लिए आंसू का कोई मोल नहीं…”

झारखंड विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के बाद झारखंड सरकार में मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा, “भाजपा ने जो साजिश रची थी वह आज लोकतंत्र के मंदिर में बेनकाब हो गई…ये(भाजपा) विधायकों को डरा, धमका, अपमानित, प्रताड़ित कर,  कोई अप्रिय घटना कर के ये राज्य को राष्ट्रपति शासन की ओर ले जाना चाहते थे लेकिन यह जनता के लिए, जनता द्वारा चुनी हुई लोकतांत्रिक सरकार है। यह सरकार मजबूती से खड़ी थी और खड़ी रहेगी… “वहीं झारखंड के मंत्री आलमगीर आलम ने कहा, “फ्लोर टेस्ट में वही हुआ जो हमने सोचा था। हम पहले दिन ही समर्थन पत्र लेकर राज्यपाल के पास पहुंचे थे। हमने उन्हें बताया था कि 43 ने इस पर हस्ताक्षर किए हैं और हमारे पास 47 विधायक हैं… आज वही बहुमत साबित हुआ…”जबकि झारखंड विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के बाद JMM सांसद महुआ माजी ने कहा, “यह लोकतंत्र की जीत है। जिस तरह से सभी विधायक एकजुट रहे, यह हेमंत सोरेन की सुझबूझ से ही संभव हुआ है। कांग्रेस, राजद और सभी ने जिस तरह से मिलकर रणनीति बनाई असंभव को संभव कर दिखाया।”

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