हाल ही हरिद्वार एव उतराखंड में आयोजित हुए धर्मसंसद में एक विशेष समुदाय के खिलाफ भड़काऊ भाषण एव साम्प्रदायिक हिंसा को बढ़ावा देंने को लेकर कई साधुओं नें भाग लेकर विवादित बयानकोहिरासर्त्मे लिया गया था देने के जुर्म में वासिम रिजवी उर्फ़ जित्तेंद्र त्यागी एव स्वामी यति नर्सिंघनंद को हिरासत में लिउया गया था, जिसमे यती नर्सिंघनंद को जेल से रिहाई मिल गयी है. गुरुवार को हरिद्वार जिला जेल से बाहर निकलने के तुरंत बाद, नरसिंहानंद मामले के सह-आरोपी जितेंद्र नारायण त्यागी, जिन्हें पहले वसीम रिज़वी के नाम से जाना जाता था, की रिहाई की मांग को लेकर अपनी भूख हड़ताल फिर से शुरू करने के लिए सर्वानंद घाट के लिए रवाना हुए। महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने और एक पत्रकार को गाली देने के लिए भारतीय दंड संहिता की धारा 509 के तहत एक मामले में स्थानीय अदालत द्वारा मंगलवार को उन्हें मिली जमानत के बाद नरसिंहानंद की रिहाई हुई।



