रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शीतकालीन सत्र के अंतिम दिन सदन में कहा कि उनकी सरकार की नियोजन नीति के पीछे का मंशा स्पष्ट है , उन्होंने अपनी मंशा को स्पष्ट किया उन्होंने कहा कि एसटी, एससी ,ओबीसी आरक्षण से आच्छादित लोग हैं ।वह यहां के 40% सामान्य वर्ग के माध्यम से बाहरी के प्रवेश को रोकना चाहते थे ,उनकी मंशा पर कोई शक नहीं कर सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज केवल एसटी ,एससी ,ओबीसी में केवल एक वर्ग के हितों की रक्षा की बात होती तो सवाल उठ सकते थे, लेकिन राज्य के हर वर्ग के हितों की रक्षा करना उनका प्रयास था इस प्रयास को भी नाकाम कर दिया गया। हर राज्य अपनी जनता के हित में नीतियां बनाती है ।उन्होंने कहा कि भाजपा नेता रमेश हांसदा और 20 बाहरी लोग नियोजन के खिलाफ याचिकाकर्ता थे ।यह वाचलो की जमात है। 100 झूठ बोलकर सच बोलने जैसा करते हैं ।इनकी कार्रवाई सीबीआई, ईडी के भरोसे है ।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी नौकरी के में पद खाली है। चपरासी की नौकरी में ग्रेजुएट फॉर्म भरते हैं ,पर सरकार की सोच पारदर्शी है। हम नौजवानों के लिए वैकल्पिक रास्ता निकालेंगे स्वरोजगार को की पहल हमने शुरू की है ।आज 20 साल का पुराना माहौल बदल रहा है। हमने उद्योग पर्यटन नीति बनाई इसको देशभर के कारोबारियों ने सराहा। अजीम प्रेमजी आने को तैयार हैं इसी तरह देश के कई बड़े उद्योग घराने भी झारखंड आने को तैयार है। उन्होंने सदन में कहा कि नौजवान जो चाहेगा मेरी सरकार उसी रास्ते पर चलेगी ।आप चिंता ना करें आपकी भविष्य के बीच में कोई समस्या आएगा उनका समाधान मैं करूंगा।

