रांची: बांग्लादेशी मूल के लोगों द्वारा संथाल क्षेत्र में किये जा रहे भूमि जिहाद की जांच की मांग को लेकर डेनियल डेनिश की जनहित याचिका पर बुधवार को झारखंड हाइकोर्ट में सुनवाई हुई. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों से जवाब मांगा था, बुधवार की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय का जवाब नहीं आ सका.केंद्र सरकार के वकील प्रशांत पल्लव ने कोर्ट में जवाब दाखिल करने के लिए 5 हफ्ते का वक्त मांगा. इसके बाद कोर्ट ने अगली सुनवाई 6 सितंबर को तय की है. वहीं, राज्य सरकार ने जवाब दाखिल कर दिया है. सरकार ने अपने जवाब में कहा है कि पाकुड़ में फिलहाल 100 से ज्यादा मदरसे स्थापित हैं.जबकि याचिकाकर्ता ने पाकुड़ में 41 मदरसे होने की बात कही थी. वहीं सरकार की ओर से यह भी बताया गया कि इस साल संथाल इलाके में धर्म परिवर्तन का मामला सामने आया है. आवेदक ने अपनी याचिका में कहा है कि बांग्लादेशी मूल के लोग झारखंड के सीमावर्ती इलाकों जामताड़ा, पाकुड़, गोड्डा और संथाल के साहिबगंज से घुसपैठ कर झारखंड आ रहे हैं. इसका असर जिले की आबादी पर पड़ रहा है. उनका लैंड जिहाद भी चल रहा है.इन जिलों में बड़ी संख्या में मदरसों की स्थापना की जा रही है. इसके साथ ही स्थानीय आदिवासी लड़कियों से वैवाहिक संबंध बनाए जा रहे हैं और फिर स्थानीय बनकर राज्य में जमीन हड़पने और आरक्षण समेत कई लाभ उठाए जा रहे हैं.



