प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पढ़ाई और डिग्री को लेकर काफी समय से बहस चल रही है, जो अब और तेज हो गई है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी से कॉलेज की डिग्री मांगी थी. उन्होंने मांग की कि पीएम मोदी की कॉलेज डिग्री को सार्वजनिक किया जाए। लेकिन गुजरात हाई कोर्ट ने केजरीवाल को तगड़ा झटका देते हुए उनकी याचिका को ‘तुच्छ’ करार दिया और 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया. वहीं, पीएम मोदी पर सवाल उठाते हुए आम आदमी पार्टी ने रविवार 2 अप्रैल को कहा कि अगर उनकी डिग्री की जांच की जाएगी तो वह फर्जी निकलेगी. डिग्री और राजनीति पर छिड़ी बहस के बीच अब अभिनेता अनुपम खेर की मां दुलारी का रिएक्शन आया है.
अनुपम खेर अक्सर सोशल मीडिया पर मां दुलारी के फनी वीडियोज शेयर करते रहते हैं। कई बार वह मां से कुछ मुद्दों पर सवाल भी पूछते हैं और वीडियो भी शेयर करते हैं। अब अनुपम खेर ने मां का एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह पीएम नरेंद्र मोदी की डिग्री और पढ़ाई पर सवाल उठाने वालों का जवाब दे रही हैं.
दुलारी ने कहा- पढ़ाई से ज्यादा दिमाग की जरूरत होती है
वीडियो में अनुपम खेर मां दुलारी से पूछते हैं कि कुछ लोग कह रहे हैं कि मोदी पढ़े-लिखे नहीं हैं। इस पर मां दुलारी कहती हैं, ‘तो आप पढ़ा लो उसको। वह आप की तरह 10 पढ़ा लेगा। वह इतना काम कर रहा है। समझाते हैं कि वे पढ़े-लिखे नहीं हैं। पढ़ने के लिए क्या है? दिमाग होना चाहिए। दिमाग सबसे जरूरी है। पढ़े-लिखे लोगों में ही कहां दिमाग होता है।
अनुपम की मां पीएम मोदी की फैन हैं
मालूम हो कि अनुपम खेर की तरह उनकी मां दुलारी भी पीएम मोदी की फैन हैं और अक्सर सोशल मीडिया पर वीडियो में उनके बारे में बात करती नजर आती हैं. पिछले साल 26 जनवरी को अनुपम खेर ने एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें उनकी मां दुलारी ने गणतंत्र दिवस परेड देखने के बाद पीएम मोदी को आशीर्वाद दिया था और कहा था कि वह फिर से जीतेंगे. इतना ही नहीं, एक बार अनुपम खेर की मां दुलारी ने पीएम मोदी को उनके बर्थडे पर विश किया था तो मोदी ने उन्हें जवाब भी दिया था.
क्या है पीएम मोदी की डिग्री का मुद्दा?
मालूम हो कि यह मामला 8 साल पुराना है। साल 2016 में अरविंद केजरीवाल ने आरटीआई के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बीए और एमए की डिग्री मांगी थी। इस पर तत्कालीन केंद्रीय सूचना आयोग ने गुजरात यूनिवर्सिटी से पीएम मोदी की डिग्री अरविंद केजरीवाल को उपलब्ध कराने को कहा था. इस आदेश को तब गुजरात विश्वविद्यालय ने गुजरात उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। इस पर 31 मार्च 2023 को गुजरात उच्च न्यायालय ने गुजरात विश्वविद्यालय की याचिका पर सुनवाई के बाद अरविंद केजरीवाल पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाने का आदेश दिया था.



