सासाराम, बिहार : गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कुछ दिन पहले राहुल और तेजस्वी ने एक यात्रा निकाली थी। ये यात्रा उन्होंने घुसपैठियों को बचाने के लिए निकाली थी।मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि उन्होंने किसके लिए यात्रा निकाली थी, बिहार की माताओं-बहनों के लिए, बिहार के दलितों-पिछड़ों के लिए, बिहार के युवाओं के लिए?नहीं, इन्होंने घुसपैठियों को बचाने के लिए यात्रा निकाली थी।हमारे देश में घुसपैठिए, हमारे युवाओं की नौकरियां छीन रहे हैं, गरीबों के हिस्से के राशन में अपना हिस्सा ले रहे हैं और साथ ही देश की सुरक्षा के लिए भी खतरा बन रहे हैं।राहुल और तेजस्वी जो करना चाहें, करने दें, मैं आज सासाराम की धरती से यह कहकर जाता हूं कि हम बिहार और देश से एक-एक घुसपैठिए को निकालने का काम करेंगे।उन्होंने (राहुल और तेजस्वी) घुसपैठियों को अपना वोट बैंक बना लिया है।हमें घुसपैठियों के वोट नहीं चाहिए।
जब केंद्र में सोनिया—मनमोहन की सरकार थी, तब आतंकवादी देश में घुसकर हमारी धरती को लहूलुहान करके भाग जाते थे, और कोई पूछने वाला नहीं था।जब प्रधानमंत्री श्री narendra modi की सरकार आई, तो स्थिति बदल गई।उरी में हमला हुआ, हमने सर्जिकल स्ट्राइक की।पुलवामा हमले के बाद हमने एयरस्ट्राइक की।पहलगाम में हमारे यात्रियों को धर्म पूछकर मारा, 22 दिन के भीतर ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में घुसकर हमने आतंकियों का सफाया किया गया।आगे अगर आ*तंकी गोली चलाएंगे, तो हम गोली का जवाब गोले से देंगे।
ये लालू-राबड़ी अपने बेटे को मुख्यमंत्री बनाना चाहते हैं, और सोनिया जी अपने बेटे को प्रधानमंत्री बनाना चाहती हैं।मैं दोनों को कहना चाहता हूं, न लालू जी का बेटा मुख्यमंत्री बनेगा,और न ही सोनिया जी का बेटा प्रधानमंत्री बनेगा।पटना में मुख्यमंत्री की कुर्सी पर नीतीश जी हैं, और दिल्ली में प्रधानमंत्री की कुर्सी पर मोदी जी हैं।कोई वैकेंसी नहीं है, इसलिए निरर्थक प्रयास मत कीजिए!




