राज्यपाल श्री सी.पी. राधाकृष्णन ने आज सरायकेला-खरसावाँ जिला के अनुसूचित जनजाति आवासीय उच्च विद्यालय में बच्चों के साथ संवाद किया एवं उनके मध्य खेल सामग्री वितरित किया। उन्होंने बच्चों को शिक्षा का महत्व समझाते हुए उन्हें मन लगाकर पढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा आज सरायकेला-खरसावां जिले में विभिन्न स्थानों पर जाकर और अपने प्यारे बच्चों और प्यारे लोगों से मिलकर और बातचीत करके खुशी हुई। मैं सरायकेला-खरसावां जिले के लोगों को गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए धन्यवाद देता हूं। राज्यपाल ने आज सरायकेला-खरसावाँ जिला के कुमार विजय प्रताप सिंहदेव राज्य संपोषित बालिका+2 उच्च विद्यालय में जाकर वहाँ अध्ययनरत छात्राओं से संवाद किया एवं विद्यालय में मौजूद सुविधाओं का अवलोकन किया।राज्यपाल ने जिला भ्रमण के क्रम में पंचायत भवन इटाकुदर मे ग्रामीणों के साथ संवाद किया। कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल के द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत चयनित लाभुकों के बिच परिसंपत्तियों का वितरण किया गया।राज्यपाल ने अनु. ज.जा. आवासीय विद्यालय, संजय में बच्चों से वार्ता कर उन्हें जीवन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने हेतु प्रोत्साहित किया। छात्रों के मनोबल बढ़ाते हुए उन्होंने कहा कि अगर इरादा पक्का हो, तो कुछ भी असंभव नहीं, निरंतर आगे की ओर बढ़ते रहे।राज्यपाल ने सरायकेला सदर स्थित कुमार विजय प्रताप सिंहदेव राज्य संपोषित बालिका उच्च विद्यालय मे भ्रमण कर अलग-अलग कक्षाओं में छात्राओं से संवाद स्थापित कर छात्राओं को लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने के संदेश दिए।इस क्रम मे उन्होंने उत्कृष्ट विद्यालय मे बच्चों हेतु उपलब्ध कराई जा रही व्यवस्थाओं के लिए राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन की सराहना की।
राज्यपाल ने आज खूंटी जिला के गुटजोरा गाँव में ‘उज्ज्वला आजीविका संसाधन केंद्र’ का अवलोकन किया।राज्यपाल ने आज खूंटी जिला के गुटजोरा गाँव जाकर ग्रामीणों से संवाद किया एवं उन्हें प्रोत्साहित किया। उक्त अवसर राज्यपाल महोदय द्वारा विभिन्न योजनान्तर्गत लाभुकों के मध्य परिसंपत्तियों का भी वितरण किया गया।राज्यपाल के द्वारा गुटजोरा में ग्रामीणों के साथ संवाद किया गया। संवाद कार्यक्रम में लाभुकों के बीच विभिन्न योजनाओं से संबंधित परिसंपत्तियों का वितरण किया गया। साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए विविध स्टॉल का भ्रमण किया गया।राज्यपाल महोदय के द्वारा गुटजोरा ग्राम के आजीविका संसाधन केंद्र का भ्रमण किया गया। इस माध्यम से कृषि के नए तकनीकों के साथ-साथ टपक सिंचाई, उन्नत खेती, पशुपालन,जैविक खाद,नर्सरी आदी से सम्बंधित प्रशिक्षण दिया जा रहा है।



