मंगलवार की सुबह 7 बजे से पूजा सिंघल के झारखंड और बिहार के करीब 7 ठिकानों पर छापेमारी की । इसी क्रम में ईडी की टीम मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा इलाके के राहुल नगर में स्थित विशाल चौधरी के पिता त्रिवेणी चौधरी के आवास पर भी छापे मारे। उनकी कंपनी फ्रंटलाइन एंड विनायका ग्रुप्स में छापेमारी की जा रही है।इस छापेमारी में ईडी को कई अहम जानकारियां हाथ लगी है. इसके घर से छह करोड़ से ज्यादा कैश मिलने की सूचना है. इसकी आधिकारिक पुष्टि अबतक नहीं हो पाई है. मगर ईडी को नोट गिनने के लिए दो मशीनें लानी पड़ी. नोटों की गिनती जारी है. सूत्रों के अनुसार घंटो की पूछताछ ईडी की टीम ने विशाल चौधरी को हिरासत में लेकर अपने साथ कार्यालय ले गई. विशाल के मोबाइल से पता चला है कि प्रदेश के कई आला अफसर और रसूखदार करीबी थे. जिनका इसके घर आना-जाना होता था. विशाल के घर में बार होने की सूचना है. जहां महंगे-महंगे वाइन और विस्की की बोतले मिली हैं. विशाल चौधरी के घर से ईडी को एप्पल फोन मिले है. छापामारी टीम को देख उसने अपने फोन कुड़ेदान में फेक दिया था. इस फोन के मिलने पर कई कडि़यां जुड़ी हैं. इसमें सत्ता के गलियारे में दलाल प्रेम के नाम से प्रसिद्ध कलेक्टर(उगाही करने वाला) का नाम भी सामने आया है. इस कलेक्टर का संबंध वर्तमान सरकार के कई मंत्रियों और अफसरों के साथ है. इसने ही विशाल के कहने पर एक बड़े राजनेता की पत्नी को एप्पल फोन और सीम उपलब्ध कराया था. जिसमें ईडी को कई लेन-देन के ट्रानजेक्शन मिले है. कई अहम सबूत भी हाथ लगे है. यह वहीं दलाल प्रेम है, जो अचानक रांची से गायब हो गया. पहले विशाल चौधरी के साथ मिलकर आईएएस-आईपीएएस और अन्य अफसरों के ट्रांसफर पोस्टिंग का कारोबार चलाते थे. विशाल को झारखंड के ब्यूरोक्रेट्स की काली कमाई का बड़ा निवेशक बताया जा रहा है.



