अमेरिकी रिसर्च एजेंसी हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के आने के बाद से ही अडानी समूह के शेयर मार्केट में तेजी से गिरावट आई है I 88 सवालों के इस रिपोर्ट में अडानी समूह पर जो सवाल किए गए है और जो बड़े खुलासे किए गए है वह चौंकाने वाले है I सीधे सीधे हिंडनबर्ग ने अडानी समूह को लाखों करोड़ों रुपए की चोरी करने का आरोप लगाए गए है I जिसका सीधा असर यहां कंपनी के निवेशकों पर हुआ है , भारत के वह सभी बैंक खासकर एसबीआई को इसमें सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है और एलआईसी के तो 18647 करोड़ रुपए डूब चुके है I हिंडनबर्ग ने साफ साफ खुलासा किया है की किस तरह अदानी अपने स्टॉक मैनुपुलेशन कर यह गड़बड़ी किया करता था , आपको बता दे कि अडानी समूह के लगभग 6.5 प्रतिशत शेयर ही आम लोग शामिल है ओर बाकी लगभग 90 प्रतिशत शेयर खुद अदानी अपने पास ही रखे हुए है I गौतम अदानी के बड़े भाई विनोद अडानी जो मॉरीशस में बैठकर कई शेल कंपनियां खोले हुए है जिनसे वह मार्केट के 6.5 प्रतिशत शेयर के साथ खेलते है I उदाहरण स्वरूप 10 रुपए के शेयर सीधे सीधे वह इन कंपनियों के माध्यम से 100 रुपए में खरीदते है जिससे शेयर मार्केट में उछाल आता है , और यह उछाल पूरे 100 प्रतिशत शेयर में आता है जिसे दिखाकर अडानी समूह बैंको से कर्ज लेता है I मतलब 10 की चीज फर्जी तरीके 100 बनाकर बैंको से लोन लेने का सीधे सीधे खेला चलता है I अब हिंडनवर्ग की रिपोर्ट आने के बाद से ही अडानी की शेयर की कीमत धड़ाम हो गई है जिसमे एलआईसी का निवेश भी था जिसके वजह से एलआईसी के 18647 करोड़ रुपए डूब गए है I वह पैसे डूब गए है जो जनता की गाढ़ी मेहनत का पैसा डूब गया है Iआपको हर्षद मेहता याद होगा जो इसी तरह से स्टॉक मैनुपुलेशन कर घोटाले करने का आरोपी था , आज फिर से उसी प्रक्रिया को दोहराया जा रहा है तो कहीं ये हर्षद मेहता पार्ट 2 तो नही I बाकी भारत सरकार इस मामले में कब अपनी चुप्पी तोड़ेगी यह देखना होगा I



