10 जून की हिंसा के आरोपियों में से एक मोहम्मद आरिफ ने न्यायिक मजिस्ट्रेट ए श्रीवास्तव की अदालत में खुद को निर्दोष बताते हुए जमानत याचिका दायर की थी।आरिफ के वकील प्रीतांशु सिंह ने घटनाक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि मामले की सुनवाई बुधवार को होगी। उन्होंने कहा कि पुलिस ने आरिफ पर 147 (दंगा), 149 (गैरकानूनी जमावड़ा), 341 (गैरकानूनी संयम), 427 (शरारत), 295 (ए) (पूजा स्थल पर हमला) और 120 बी (साजिश) सहित आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
निलंबित भाजपा नेता नुपुर शर्मा द्वारा पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में जुम्मा नमाज (शुक्रवार की नमाज) के बाद निकाले गए मार्च के बाद 10 जून को हिंसा भड़क गई थी। इस घटना में पुलिस फायरिंग में दो युवकों की मौत हो गई। घटना के बाद जिला प्रशासन को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई निषेधाज्ञा लागू करनी पड़ी। यहां तक कि इंटरनेट सेवा भी करीब 30 घंटे तक ठप रही।



