पाकुड़ में आदिवासी छात्रावास में करीब एक दर्जन छात्रों की देर रात पिटाई, लगभग 100 पुलिस पर आरोप

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झारखण्ड : कल देर रात करीब 12:30 बजे आदिवासी कल्याण बालक छात्रावास के. के. एम. कॉलेज पाकुड़ में करीब एक दर्जन छात्रों पर जानलेवा हमला कर दिया गया। ये हमलावर कौन थे इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है हालाँकि मिडिया सूत्रों की माने तो छात्रों द्वारा बताया गया है कि पुलिस की वर्दी में लगभग 100 की संख्या में आए लोगों, जो कि लाठी, डंडे और हथियार से लैस होकर आए थे, ने उनपर हमला किया ।सूत्रों ने बताया कि मामले पर छात्र नेता कमल मुर्मू का कहना है कि निर्धारित आक्रोश रैली को रोकने के लिए बीती रात करीब 10.30 बजे एक पुलिस पदाधिकारी हॉस्टल में आए और उनसे कहा कि रैली नहीं निकलनी चाहिए। जब छात्रों ने उनकी बात मानने से इनकार कर दिया। तो देर रात करीब 12.30 बजे 100 से भी ज्यादा पुलिस अधिकारी हॉस्टल पहुंचे और छात्रों की लाठी-डंडे से पिटाई कर दी।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी लिखते हैं ”पाकुड़ से बताया गया है कि बांग्लादेशी मुसलमानों के अवैध घुसपैठ के विरुद्ध प्रदर्शन करने वाले युवा छात्रों की कल देर रात हेमंत सरकार की पुलिस ने छात्रावास में घुसकर बर्बरतापूर्ण पिटाई की है। छात्रों के उपर हुए इस कायराना हमले की वीभत्स तस्वीरें विचलित करने वाली हैं।हेमंत जी, अपनी मां-बहनों की रक्षा के लिए घुसपैठ के खिलाफ आवाज उठाने वाले युवा छात्रों पर अत्याचार और बाहरियों पर इतना प्रेम बरसाने की वजह क्या है?बांग्लादेशी घुसपैठिए झारखंड की अस्मिता और अस्तित्व के लिए खतरा बने हुए हैं। इन्हें संरक्षण देकर आप प्रदेश की साढ़े तीन करोड़ जनता की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।इस घटना में संलिप्त जितने भी पुलिसवाले शामिल हैं, उनके विरुद्ध मुक़दमा दर्ज कर कठोर कारवाई करें। @dcpakur सभी घायल छात्रों के ईलाज का उचित प्रबंध करें।”

मामले पर नेता प्रतिपक्ष अमर बाऊरी ने लिखा-आदिवासी विरोधी – तानाशाह झारखंड ठगबंधन सरकार का नवीन कुकृत्य देखिए आज पाकुड़ में जनाक्रोश महारैली है, लेकिन उसे विफल बनाने के लिए रात में करीब 12:30 बजे पुलिस की वर्दी में उपद्रवी तत्त्वों ने आदिवासी कल्याण बालक छात्रावास के. के. एम. कॉलेज पाकुड़ में जानलेवा हमला कर दिया। छात्रों द्वारा बताया कि उपद्रवी लगभग 100 की संख्या में लाठी, डंडे और हथियार से लैस होकर आए थे। सोये हुए छात्रों पर अचानक धावा बोल दिया, जिसे किसी को भी संभालने का मौका नहीं मिला। उन लोगों ने जमकर तांडव और उत्पाद मचाया। कुछ बच्चे घटना के बाद से ही गायब है। दमनकारी झामुमो-कांग्रेस-राजद सरकार पाकुड़ को जहां बांग्लादेशियों का चारागाह बना रही है तो वही मूलवासी-आदिवासी जनमानस के आक्रोश व विरोध को लाठी-डंडे के माध्यम से दबाने का प्रयास कर रही है।ध्यान रहे ठगबंधन सरकार :जुल्मी कब तक जुल्म करेगा सत्ता के गलियारों से,चप्पा चप्पा गूंज उठेगा उलगुलान के नारों से। पाकुड़ जिला के उपायुक्त (@dcpakur) व पुलिस प्रशासन (@pakurpolice) मामले में दोषियों को चिन्हित करें और कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करें। पाकुड़ में कानून का राज स्थापित किया जाए ना की गुंडों का …

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