मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग का कोविड-19 महामारी के बाद सत्ता परिवर्तन वाले बयान पर सांसद निशिकांत दुबे ने जुकरबर्ग से मांफी की मांग की थी। अब मार्क जुकरबर्ग द्वारा भारत को लेकर टिप्पणी के लिए मेटा ने माफी मांग ली है। आईटी और कम्युनिकेशन मामलों के संसदीय समिति के अध्यक्ष निशिकांत दुबे ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के जरिए ये जानकारी दी। निशिकांत दुबे ने लिखा”भारतीय संसद व सरकार को 140 करोड़ लोगों का आशीर्वाद व जन विश्वास प्राप्त है।@Meta भारत के अधिकारी ने आख़िर अपनी ग़लतियों के लिए क्षमा माँगी है ।यह जीत भारत के आम नागरिकों की है,माननीय प्रधानमंत्री मोदी जी @narendramodi को जनता ने तीसरी बार प्रधानमंत्री बना कर दुनिया के सामने देश के सबसे मज़बूत नेतृत्व से परिचय करवाया है ।अब इस मुद्दे पर हमारे कमिटि का दायित्व ख़त्म होता है,अन्य विषयों पर हम इन सोशल प्लेटफ़ॉर्म को भविष्य में बुलाएँगे ,क्षमा शोभती उस भुजंग को जिसके पास गरल हो ।जय संसद,जय भारत”
इससे पहले सांसद निशिकांत दुबे ने मंगलवार को कहा था कि संसद की संचार और सूचना प्रौद्योगिकी स्थाई समिति ने इस मामले में मेटा को तलब करेगी।सांसद दुबे ने कहा था कि समिति मेटा के सीईओ जुकरबर्ग या कंपनी के प्रतिनिधियों को नोटिस भेजकर तलब करेगी. उनसे इस बयान पर स्पष्टीकरण और माफी की मांग की जाएगी।




