झारखण्ड : आज मंईयां सम्मान यात्रा का छठा दिन है.कोल्हान की वीर भूमि पर कल्पना सोरेन ने कहा कोल्हान कभी समझौता नहीं करता क्योंकि हमारे वीर पुरुखों ने हमें झुकना नहीं, हमेशा लड़ना सिखाया है। पिछले पाँच दिनों में हमने अनेकों सभाओं, रोड शो के माध्यम से लाखों लोगों तक अबुआ सरकार द्वारा महिला सशक्तिकरण के लिए किए जा प्रयासों को बताने का काम किया है जो आगे भी चलता रहेगा। हमारी संस्कृति, हमारी भाषा, हमारी परंपरा ही हमारी पहचान है। हम जब तक अपनी पहचान के लिए लड़ाई नहीं लड़ेंगे, अधिकार नहीं लेंगे, तब तक हम आगे नहीं बढ़ सकेंगे। हो भाषा को मान-सम्मान मिले इसके लिए हो भाषा को आठवीं अनुसूची में डालने की मांग कई वर्षों से उठाई जा रही है। हेमन्त जी ने सरकार बनाते ही हो भाषा को आठवीं अनुसूची में डालने के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखा था। मगर गृह मंत्रालय ने कहा हम यह मांग नहीं मान सकते। क्यों नहीं मान सकते? 4 वर्ष हो गए, पर क्योंकि आदिवासियों के हितों की बात हो रही थी, तो भाजपा की केंद्र सरकार ने मांग को नकार दिया। लेकिन हमें भी अपना अधिकार लेना आता है।आपके चेहरों में खुशियां लाने वाले हेमन्त जी को भाजपा ने परेशान किया, अब वक्त आ रहा है भाजपा को मुंह तोड़ जवाब देने का।नारी शक्ति जिंदाबाद!


