मीडिया में बताया जा रहा है कि पूर्व सीएम हेमंत सोरेन के प्रेस सलाहकार अभिषेक प्रसाद उर्फ पिंटू के 18 मार्च के बयान का जिक्र ईडी के 191 पन्नों की चार्जशीट में किया गया है कि पिंटू द्वारा ये बात स्वीकार की गई है कि उसने हेमंत सोरेन के कहने पर रांची के तीन जमीनों का सर्वे कराया था और उदय शंकर को 8.86 एकड़ जमीन का सत्यापन करने को कहा था। वहीं झामुमो ने पिंटू द्वारा ऐसी कोई भी बात स्वीकार करने से साफ इंकार कर दिया है। अब सवाल ये उठता है कि क्या इलेक्शन को लेकर ये भ्रामक खबर फलाया जा रही हैं। क्या भाजपा इलेक्शन को प्रभावित करने के लिए मीडिया में ये स्टेटमेंट जारी करवा रही है। क्या भाजपा फूट डालो राज करो की राजनीति कर रही है ?इलेक्शन कमीशन को संज्ञान लेना चाहए?
JMM ने अभिषेक के बयान को लेकर क्या कहा ?
झामुमो कहना है कि आज भाजपा समर्थित मीडिया के साथी स्वयं जज, ज्यूरी और जल्लाद बन, बिना ओर छोर समझे माननीय हेमन्त जी के पूर्व मीडिया सलाहकार के बयान के अंश को तोड़ मरोड़ कर अपने एजेंडे की पूर्ति हेतु अनर्गल मतलब निकाल रहे हैं: (1)अभिषेक जी के बयान में कहीं भी यह नहीं लिखा है कि बरगाईं अंचल का ज़मीन हेमंत सोरेन जी का है.(2)पाहन लोग जो ज़मीन के मालिक हैं जो भुईंहर हैं उनका कहना है कि ज़मीन उनकी है एवं वे उसके दखलकार हैं.(3)केस लंबित होने के बावजूद मीडिया केस से संबंधित भ्रामक पक्ष फैला रहा है, जो अनुचित है.(4)मुख्यमंत्री कार्यालय में ज़मीन विवाद के सैंकड़ों आवेदन हर माह आते हैं – ऐसे में किसी ज़मीन का वेरिफ़िकेशन करने को कहने मात्र से ज़मीन उसका नहीं हो जाता है।



