दिल्ली: INDIA गठबंधन की ‘महारैली’ में झारखंड के मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन ने कहा,आज जो महागठबंधन की महारैली है, लोकतंत्र को बचाने और तानाशाही पर भारत की जनता को संदेश देने के लिए है कि केंद्र सरकार किस तरह से तानाशाही चला रही है।आज जिस जमीन के नाम पर उन्हें गिरफ्तार किया गया, उस जमीन का कहीं भी किसी किताब में जिक्र नहीं है। झारखंड में हेमंत सोरेन ने पिछड़े वर्गों और समुदायों का जो उत्थान किया, उससे भाजपा के पेट में दर्द शुरू हो गया। यही लड़ाई हमारे पूर्वजों ने भी झारखंड में लड़ी थी। हम सब एक हैं। हम झारखंड के साथ-साथ देश में भी भाजपा की विचारधारा को पनपने नहीं देंगे…।भारत में तानाशाही शक्तियां लगातार लोकतांत्रिक प्रक्रिया से चुनी गई विपक्षी दलों की सरकारों को अस्थिर करने की कोशिश कर रही हैं। भ्रष्ट्राचार के आरोपों के बाद, हिमंत बिस्व सरमा से लेकर अजीत पवार और छगन भुजबल तक, जो नेता इनके सामने झुक गए, उन्हें क्लीन चिट मिल गई। रही बात विपक्ष की, तो पहले इन्होंने विधायकों को खरीदा, पार्टियों को तोड़ा, सरकारों को गिराया, लेकिन उस के बाद भी, जो राजनैतिक दल एवं सरकारें झुकने को तैयार नहीं हैं, उन्हें एजेंसियों द्वारा डराया- धमकाया जा रहा है, मुख्यमंत्रियों को जेल भेजा जा रहा है। आज देश की जनता को यह फैसला करना है कि हमारा देश लोकतंत्र से चलेगा, या सभी विपक्षी दलों को कुचलती जा रही इस तानाशाही से।



