आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को समग्र सहायता प्रदान करने के लिए ‘प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना’ का शुभारंभ किया गया । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों के लिए ‘प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना’ के वर्चुअल माध्यम से शुभारंभ के मौके पर रांची में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।देशभर की 70 जगहों से इस योजना की शुरुआत एक साथ की गयी एवं रांची के आर्यभट्ट सभागार में केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहकर ऐतिहासिक कार्यक्रम के साक्षी बने।इस अवसर पर अर्जुन मुंडा ने कहा कि योजना का लाभ झारखंड के कारीगरों और शिल्पकारों को मिलेगा। यहां के स्थानीय उत्पादों, कला और शिल्प के माध्यम से सदियों पुरानी परंपरा, संस्कृति और विविध विरासत को जीवित और समृद्ध बनाए रखने के लिए लाभदायक होगा। इस योजना में 18 तरीके पारंपरिक व्यवसायों को शामिल किया गया तथा यह योजना आने वाले समय मे हमारे कारीगरों एवं शिल्पकारों को नया आयाम देगा। पूंजी और कौशल के अभाव में, जो लोग अपने रोजगार की शुरुआत नहीं कर पा रहे थे, उनके लिए यह बहुत बड़ा अवसर है। मोदी सरकार की ‘पीएम विश्वकर्मा योजना’ से कारीगरों के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण होगा एवं ‘पीएम विश्वकर्मा योजना’ के कार्यान्वयन के लिए 13,000 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान किया गया है। ‘पीएम विश्वकर्मा योजना’ का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति को सामर्थ्यवान बनाने की है।इस अवसर पर झारखंड के श्रम मंत्री, सांसदों, विधायकों और इस योजना के लाभुकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

