राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम के तहत बच्चों की आंखों की जांच कर उन्हें निःशुल्क चश्मा दिये जाने का प्रावधान है। लेकिन यह प्रभावी रूप से लागू नहीं होने के कारण आवश्यकता वाले सभी बच्चों को निःशुल्क में चश्मा नहीं मिल सका है। जिस कारण बच्चों को स्कूल के ब्लैक बोर्ड पर लिखे शब्द देखने में समस्या होती है। जिस कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है। सरकार ने सभी जिलों के उपायुक्तों को निर्देश जारी कर कहा है कि राज्यव्यापी नेत्र जांच कार्यक्रम सफल हो, यह वहां के सिविल सर्जन, जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला शिक्षा अधीक्षक सुनिश्चित करेंगे।राज्य के सभी स्कूलों में विद्यालयवार एक सितंबर से 21 सितंबर तक बच्चों की आंखों की प्रारंभिक जांच की जाएगी। इसमें स्कूलों के नामित एक-एक शिक्षक बच्चों की आंखों की जांच करेंगे। बच्चों को नजदीक और दूर के अक्षर-शब्द पढ़वाए जाएंगे। जिन बच्चों की आंखों में समस्या दिखेगी उन्हें क्लस्टर स्तर पर लगाए जाने कैंप में आंखों की विस्तृत जांच करवाई जाएगी। सभी प्रखंडों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कलस्टर कैंप तीन अक्तूबर से 20 अक्तूबर तक आयोजित की जाएगी। इसमें बच्चों को दवा देने के साथ आंखों का पावर लिया जाएगा और चश्मे बनाए जाएंगे .



