गुमला पुलिस द्वारा हत्या के आरोप में गिरफ्तार किये गये PLFI के पांच उग्रवादीयो रामनारायण गोप, रामकिशुन गोप, रमेश गोप, सोमनाथ गोप एवं परमेश्वर गोप को एडीजे-चार अंजनी अनुज की अदालत ने 10-10 साल की सजा सुनाई है।गुमला सिविल कोर्ट के एडीजे-4 अंजनी अनुज की अदालत ने सभी आरोपियों को 50-50 हजार रूपये का जुर्माना भी लगाया है।वृंदा नायकटोली गांव में विनीता उरांव के घर 5 जून 2020 की रात कुख्यात पीएलएफआई उग्रवादी सब जोनल कमांडर बसंत गोप अपने दस्ते के साथ पहुँच कर उसके ससुर की हत्या कर दी।उग्रवादियों से डरकर विनीता गांव से अपने पूरे परिवार के पलायन कर गई थी। रांची में मजदूरी कर अपने परिवार के साथ रह रही थी। कोरोना के कारण लॉकडाउन लगने के कारण वह अपने पति व बच्चे के साथ तीन जून को गांव लौट आई थी। जिसके दो दिन बाद ही पीएलएफआई उग्रवादी उसके घर पहुँच कर फायरिंग करने लगे और विनीता के पति भीम उरांव व परिवार के सभी सदस्यों को घर से बाहर निकलने के लिए कहने लगे। उस दिन बसंत गोप को विनीता ने टांगी से घायल कर अपने परिवार की जान बचाई थी उस दिन के बाद 6 जून को पुलिस ने बसंत गोप का शव वृंदा जंगल से बरामद किया था। विनीता ने मामले की थाने में शिकायत भी दर्ज करवाई थी। मामले में पांच को नामजद आरोपी बनाया गया था। इसी मामले में दोषी करार देते हुए उन पांचो को कोर्ट ने सजा सुनाई है।



