अप्रैल में ही गोड्डा का तापमान 45° के पार होने के बाद, पोड़ैयाहाट के विधायक प्रदीप यादव ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिख कर कहा है कि जब अडानी पॉवर प्लांट की एक यूनिट शुरू होने पर यह हाल है तो दूसरी शुरू होने पर क्या होगा? इसलिए दूसरी यूनिट को रोका जाए।
उन्होंने पत्र में लिखा
यूँ बढ़ती गर्मी, तपती धरती एवं बढते तापमान से पूरी दुनिया परेशान है और विश्व के सभी देश इस पर चिंतीत भी हैं। सभी देशों का मानना है कि कार्बन उत्सर्जन कम करके इस पर कुछ हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है और कार्बन उत्सर्जन का सबसे बड़ा स्रोत कोल थर्मल पावर प्लांट है, इस पर सभी देशों के राजनयिकों ने रोक लगाने पर आपसी सहमति एवं प्रतिबद्धता दिखाई है ।लेकिन विडम्बना है कि झारखण्ड के गोड्डा जिला का अडानी थर्मल पावर प्लांट इस राज्य को बिजली तो नहीं दे रही है लेकिन बड़ी मात्रा में कार्बन उत्सर्जन क. हमारे वायुमंडल, मिट्टी, जल एवं पर्यावरण को बड़ी मात्रा में दूषित कर रही है जिसका परिणाम देखने को मिल रहा है कि गोड्डा जिला का तापमान 45°C से अधिक होने के कारण राज्य का सबसे गर्म जिला बन गया है, बुर्जुग लोगों का मानना है कि 50 वर्षो से इतनी गर्मी गोड्डा में कभी नहीं आई है । जो आज देखने को मिल रहा है । अभी पावर प्लांट का एक ही युनिट प्रारंभ हुआ है, दूसरा युनिट भी एक सप्ताह के अन्दर शुरू होने वाला है । दूसरे युनिट के शुरू होने पर गोड्डा में गर्मी का तापमान और उसर जायेगा, आम लोगों का जीना दूभर हो जायेगा । अतः आपसे आग्रह होगा कि भारत सरकार से बात कर दूसरे युनिट पर अविलम्ब रोक लगाने हेतु आवश्यक निर्णय लेने का कष्ट करें ।




