सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि प्रदेश में 20 साल तक भाजपा की सरकार रही. डबल इंजन की सरकार में झारखंड के साथ न्याय नहीं हुआ. अपार खनिज संपदा होने के बावजूद भाजपा ने झारखंड को पीछे रखा. उन्होंने यह भी कहा की केंद्र सरकार गरीबों के लिए अनाज नही दे रही है. झारखंड सरकार अनाज खरीद कर गरीबों के बीच बांच रही है. कहा कि कोरोना के कारण तीन साल तक राज्य में विकास प्रभावित हुआ. इसके बावजूद सरकार ने अप्रत्याशित उपलब्धि हासिल की है. झारखंड को विकसित बनाने के लिए सरकार पूरी ताकत के साथ काम कर रही है. झारखंड की नींव भाजपा ने रखी, जो देश में 28वें पायदान पर आकर खड़ी हो गयी. गठन के 20 साल में से 17 साल यहां भाजपा ने शासन किया, फिर भी मन नहीं भरा और राज्य की यह स्थिति बना दी.
उन्होंने कहा कि जिस राज्य में देश की 40 प्रतिशत खनिज संपदा हो. रतनगर्भा की धरती पर आज भी लोग बेबस, मजबूर, गरीब और बेरोजगार हैं. बीजेपी के शासनकाल में 10 हजार उद्योग बंद हो गये. वहीं, 500 करोड़ रुपये उद्योग लगाने के नाम पर और हाथी उड़ाने पर खर्च कर दिये. परिणाम स्वरूप एक भी उद्योग झारखंड में नहीं लगा. यही कारण है कि झारखंड की जनता ने भाजपा और मोदी दोनो को नकार दिया।
झारखंड बने 20 वर्ष हो गये हैं. यहां 17 वर्षों तक भाजपा ने राज किया. राज्य के विकास के लिए जो रोड मैप होना चाहिए, नहीं बनाया गया. विकास के मामले में आज उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ दोनों राज्य कहां से कहां पहुंच गया. झारखंड में बीजेपी नेताओं के पास कभी भी विकास का एजेंडा ही नहीं रहा.
जिस तरह राज्य में हेमंत सोरेन सरकार काम कर रही है उसको देखकर झारखंड भाजपा के लोग को हेमंत फोबिया हो गया है। वह हेमंत सोरेन की कामों को देख कर उन्हें सत्ता से बाहर हमेशा रहने का भय बना हुआ है।



