केंद्रीय कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने आज कहा कि हालांकि न्यायाधीशों को चुनाव या सार्वजनिक जांच का सामना नहीं करना पड़ता है, फिर भी वे जनता की नजर में होते हैं।
उन्होंने कहा, “लोग आपको देख रहे हैं..आप जो जजमेंट देते हैं, आप कैसे काम करते हैं। सोशल मीडिया के इस युग में आप कुछ भी नहीं छिपा सकते।”भारत में लोकतंत्र सिर्फ जीवित ही नहीं बल्कि मजबूती से आगे चले उसके लिए एक मज़बूत और आज़ाद न्यायपालिका का होना जरूरी है। न्यायपालिका की आज़ादी को कमज़ोर या उसके अधिकार, सम्मान और गरिमा को कम करेंगे तो लोकतंत्र सफल नहीं होगा। उन्होंने आगे कहा मैंने CJI को एक पत्र लिखा, जिसके बारे में किसी को नहीं पता था। पता नहीं किसे कहां से पता चला और खबर बना दी कि क़ानून मंत्री ने CJI को पत्र लिखा कि कॉलेजियम में सरकार का प्रतिनिधि होना चाहिए। इस बात का कोई सर पैर नहीं।मैं कहां से उस प्रणाली में एक और व्यक्ति डाल दुंगा।



