रांची: माननीय राज्यपाल श्री रमेश बैस से राजभवन में माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में 40 सदस्य सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की , 1932 खतियान तथा आरक्षण विधेयक शीघ्र अग्रतर कार्रवाई हेतु भारत सरकार को भेजने हेतु आग्रह किया गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्यपाल से कहा कि झारखण्ड हितैषी नीतियों पर हमेशा कुठाराघात हुआ है , इन विधेयकों को 9वीं अनुसूची में शामिल करने से इन्हें संवैधानिक कवच मिलेगा। राज्यपाल से इस मुलाकात में पक्ष और विपक्ष दोनों से सदस्य थे ओर सभी ने इन विधेयकों को 9वीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ राज्यपाल के पास गए , पक्ष के रूप में महागठबंधन के जेएमएम कांग्रेस राजद तो वहीं विपक्ष के रूप में आजसू मौजूद रही I लेकिन भाजपा नदारद रहा I झारखंड भाजपा के नेताओं की यह दूरी ,अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। राज्यहित के लिए उठाए गए कदम में पक्ष विपक्ष दोनों को बराबर रूप से सामने आना चाहिए और जनता की भलाई के लिए काम करना चाहिए लेकिन भाजपा की इस दूरी ने यह बता दिया कि राजनैतिक कुर्सी और जनता के बीच अगर इन्हें किसी को चुनना पड़े तो ये कुर्सी को ही चुनेंगे



