स्थानीय मुस्लिम नेता और शुक्रवार को शहर के परेड चौक इलाके में भड़की हिंसा के मुख्य साजिशकर्ता के रूप में पहचाने जाने वाले हयात जफर हाशमी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। वह मामले में प्राथमिकी में नामजद 40 आरोपियों में शामिल हैं।
कानुपर पुलिस आयुक्त विजय सिंह मीणा के मुताबिक, शनिवार को छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है. वहीं, गिरफ्तार किए गए लोगों ने अब तक 5-6 और लोगों के नाम बताए हैं, जो कि साजिश रचने में शामिल थे. इसके अलावा पुलिस ने कानपुर में हिंसा और पथराव की घटना के एक दिन बाद शनिवार को 500 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए हैं. हिंसा में शुक्रवार को 40 लोग घायल हो गए थे. इस वक्त शहर के हिंसा प्रभावित इलाकों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गयी है.
कानुपर पुलिस आयुक्त विजय सिंह मीणा ने एएनआई से कहा कि कानपुर हिंसा में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ गैंगस्टर और एनएसए एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी और उनकी संपत्तियों को जब्त किया जाएगा. कल 18 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी और आज 6 लोगों को गिरफ्तार किया है. साथ ही उन्होंने कहा कि कल (शुक्रवार) कानपुर में कुछ लोगों द्वारा माहौल खराब करने की कोशिश की थी जिस पर कार्रवाई करते हुए हमने स्थिति को काबू में किया. पूरे मामले में 3 एफआईआर दर्ज की गई हैं. हमें सूचना मिली थी कि मुख्य आरोपी शहर छोड़कर निकल गए हैं.
इसके साथ कानुपर पुलिस आयुक्त ने कहा कि गिरफ्तार किए गए लोगों को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा और 14 दिन की रिमांड मांगी जाएगी. पुलिस ने शुक्रवार को 18 लोगों को गिरफ्तार किया था. वहीं, मीणा ने कहा कि इस सभी के बैंक खातों का विश्लेषण किया जाएगा कि कहीं यह अन्य PFI या अन्य किसी संस्था से सम्बंधित तो नहीं है, इसकी जांच कराई जा रही है.
कौन हैं हयात जफर हाशमी?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कानपुर दंगों का मास्टरमाइंड हयात जफर हाशमी पिछले कुछ सालों से विभिन्न गतिविधियों में शामिल रहा है और उसने कई अवैध संपत्तियां हासिल की हैं। वह सरकारी कोटे से घर पर राशन की दुकान चलाते हैं। हाशमी पर आरोप है कि उन्होंने अपनी बहन और मां को एक पारिवारिक मामले में उकसाया, जिसके बाद दोनों ने कानपुर डीएम कार्यालय के बाहर आत्मदाह कर लिया और इस घटना में दोनों की मौत हो गई.
हाशमी ही थे जिन्होंने सोशल मीडिया के जरिए भीड़ इकट्ठी की थी। वह सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं और पहले भी कई बार लोगों को उपद्रव करने के लिए उकसा चुके हैं। पुलिस के मुताबिक, वह सीएए और एनआरसी के खिलाफ हिंसक प्रदर्शनों में भी शामिल था।


