कोरोना वैक्सीन लेने के बाद शरीर से सिक्के-चम्मच चिपकने के दावों में कितना सच?
कुछ दिन पहले वैक्सीन ली, फिर ये होने लगा
71 साल के अरविंद सोनार नासिक में सिडको (City and Industrial Development Corporation) के बाहर ‘समोसा कॉर्नर’ चलाते हैं. आजतक के संवाददाता प्रवीण ठाकरे के मुताबिक अरविन्द सोनार ने 9 मार्च को कोविशील्ड वैक्सीन की पहली और 2 जून को दूसरी डोज़ ली. उनके बेटे जयंत ने इंटरनेट पर वैक्सीन लेने के बाद शरीर में लोहे की चीजें चिपकने की खबरें देखीं थीं. बेटे ने पिता अरविंद सोनार के शरीर पर भी स्टील की चीजें रख कर आजमाने के बारे में सोचा. जैसे ही उनके शरीर पर लोहे की चीजें रखीं गईं वो शरीर से चिपकने लगीं. जब पहली बार यह घटना हुई तो फैमिली को लगा कि शायद पसीने या नमी की वजह से ऐसा हो रहा है. इसके बाद अरविंद सोनार को नहलाया गया, लेकिन उसके बाद भी लोहे की चीजें उनके शरीर से चिपकती रहीं.
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक परिवार के लोग इस बात को लेकर निश्चित नहीं हैं कि ऐसा वैक्सीन की वजह से हो रहा है या नहीं.
अरविंद के बेटे जयंत ने टाइम्स ऑफ इंडिया अखबार को बताया कि
शरीर से सिक्के चिपकना मुमकिन है’
अंधविश्वास से लड़ने वाली एक संस्था है, अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति. इस दावे पर उसने भी गौर किया. जांच करने के लिए समिति की एक्टिविस्ट कृष्णा चंडगुडे ने सोनार के घर का दौरा किया. दौरे के बाद उन्होंने कहा कि
नासिक में RYK साइंस कॉलेज के फिजिक्स डिपार्टमेंट में फिजिक्स के असिस्टेंट प्रोफेसर प्रवीन जोशी ने अखबार को बताया कि अभी इस पर कमेंट करना मुश्किल है कि किसी के शरीर में वैक्सीन की वजह से ऐसा हो रहा है या नहीं. हमें किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले पूरा अध्ययन करना पड़ेगा.
हेल्थ डिपार्टमेंट क्या कह रहा है?
नासिक के हेल्थ डिपार्टमेंट ने अरविंद सोनार के दावे की जांच कराई. नासिक म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन के मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर बापूसाहेब नगरगोजे ने बताया कि अरविंद के घर पर जांच के लिए टीमें भेजी गई हैं. उन्होंने माना कि शरीर से सिक्के और दूसरी धातु की चीजें चिपकने की बात सही है. लेकिन शरीर में चुंबकीय गुण पैदा होने का वैक्सीन के दूसरे डोज से कोई लेना देना नहीं है. सीनियर हेल्थ अधिकारी इस बारे में आगे पता लगा रहे हैं.
डॉक्टर नगरगोजे ने अखबार को बताया कि
PIB के फैक्टचेक में क्या निकला?
कोरोना वैक्सीन की वजह से लोगों के चुंबक बनने के दावों पर PIB ने फैक्टचेक किया. केंद्र सरकार की ये एजेंसी इसी तरह के दावों की असलियत बताती है. फैक्टचेक में बताया गया कि सोशल मीडिया पर चल रहे ऐसे दावों में कोई सचाई नहीं है. कोरोना की वैक्सीन लोगों को चुंबक नहीं बनाती है. ये वैक्सीन पूरी तरह सेफ है. किसी बहकावे में न आएं, और आगे आकर कोरोना वैक्सीन लगवाएं.
महिला ने सुनवाई के दौरान अपने शरीर से चाबी चिपकाने की कोशिश की. एक बार तो सीने पर चाबी चिपकी हुई दिखी. लेकिन गर्दन पर बार-बार ऐसी कोशिश के बाद भी चाबी चिपकी नहीं. इस महिला का वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है. लेकिन एक्सपर्ट्स इसके पीछे कोरोना वैक्सीन होने की बात से इत्तफाक नहीं रखते.



