झारखंड में शीर्ष उग्रवादियों निअ के निशाने पर , टॉप लिस्ट में हैं ये 34 नाम
झारखंड में भाकपा माओवादी संगठन के शीर्ष उग्रवादियों के खिलाफ एनआईए ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। एनआईए के रडार पर झारखंड सरकार के द्वारा एक करोड़ के घोषित इनामी और माओवादियों के इस्टर्न रीजनल ब्यूरो के प्रमुख प्रशांत बोस, सेंट्रल कमेटी मेंबर पतिराम मांझी, जोनल कमांडर रवींद्र गंझू, महाराज प्रमाणिक, अमित मुंडा जैसे बड़े माओवादी हैं। हाल के दिनों में एनआईए ने सरायकेला खरसांवा में कुकरूहाट बाजार में पांच पुलिसकर्मियों की हिंसा में मौत मामले में पतिराम मांझी, महाराज प्रमाणिक, अमित मुंडा समेत कई उग्रवादियों के खिलाफ चार्जशीट दायर किया था। लातेहार के लुकइया मोड़ में नवंबर 2019 में चार पुलिसकर्मियों की मौत के मामले में भी एनआईए ने पतिराम मांझी, रवींद्र गंझू समेत 34 माओवादियों के खिलाफ कार्रवाई की थी।
राज्य में एनआईए कई नक्सल कांडों की जांच कर रही है। पूर्व मंत्री रमेश सिंह मुंडा हत्याकांड में एनआईए को प्रशांत बोस जैसे बड़े उग्रवादी की तलाश है। वहीं लांजी पहाड़ हमला, सरायकेला- खरसांवा कुकरूहाट कांड, लुकइयामोड़ कांड, गिरिडीह में हथियार व पैसे की बरामदगी के मामले, चतरा में टीपीसी उग्रवादियों के द्वारा कमेटी बना कर कोल परियोजनाओं से वसूली, नोटबंदी के बाद भाकपा माओवादियों व पीएलएफआई के पास से नोट बरामदगी, पीएलएफआई टेरर फंडिंग जैसे कई मामलों में जांच जारी है। एनआईए के द्वारा राज्य में अभी आधा दर्जन केस टेकओवर करने की भी प्रक्रिया चालू है।


