“आइसा,इनोस के रोजगार के सवाल पर झारखंड विधान सभा घेराव”

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आज झारखंड विधान सभा का घेराव भाकपा माले , आर.वाई.ए और आइसा के द्वारा किया गया। हालांकि यह घेराव रूप हटिया रेलवे स्टेशन से पैदल मार्च में निकला था। ये पैदल मार्च विधानसभा के समीप कुटे मैदान में जाकर सभा में तब्दील हो गया। इस सभा को भाकपा माले के विधायक कॉमरेड विनोद सिंह,आइसा के कार्यकारिणी महासचिव कामरेड प्रसनजीत आर.वाई.ए के राष्ट्रीय महासचिव कॉमरेड नीरज ने संबोधित किया। इस सभा में राज्य से हजारों छात्र युवाओं की उपस्थिति रही।

सभा को संबोधित करते रंजीत ने कहा राज्य के अंदर नौकरियों के लाखों की संख्या में पद खाली हैं, लेकिन नियुक्तियां बंद है सरकार द्वारा किए गए वादे, प्रतिवर्ष 5 लाख रोजगार बेरोजगारी भत्ता महज एक अखबारों की सुर्खियों में बन के रह गई है। राज्य की सरकार गठन के 14 महीने से ज्यादा हो गए लेकिन रोजगार सहित ज्वलंत सवालों पर कोई भी नीति स्पष्ट नहीं दिख रही है दूसरी ओर कोरोना के नाम पर छात्रों का एक साल बर्बाद हो गया है।

विधायक कॉमरेड विनोद सिंह ने कहा गरीब छात्रों को पैसे के अभाव में रूम वह हॉस्टल से धक्का मार के निकाला गया है राज्य के अंदर बाजार यातायात शुरू हो गए लेकिन ,अभी तक स्कूल कॉलेज में सुचारू रूप से फिजिकल क्लास शुरू नहीं हो पाई है. साथ ही छात्रवृत्ति में कटौती और ऑनलाइन शिक्षा के नाम पर मोटी रकम वसूली जा रही है झारखंड में 80% छात्रों के पास लैपटॉप या एंड्रॉयड फोन रिचार्ज के पैसे व बिजली उपलब्ध नहीं है आखिर गरीब छात्र ऑनलाइन शिक्षा कैसे प्राप्त करेंगे।

राज्य में छात्राओं और महिलाओं के साथ छेड़छाड़ बलात्कार हत्या जैसी घटनाओं में वृद्धि हो रही है।
कार्यक्रम के बाद अपने मांगों के साथ प्रतिनिधिमंडल आर.वाई.ए राज्य सचिव अमल घोष अध्यक्ष रामेश्वर चौधरी,आइसा राज्य सचिव त्रिलोकीनाथ अध्यक्ष सोहेल अंसारी ने प्रतिनिधि दंडाधिकारी को स्मार पत्र सौंपा.

आइसा,इंक़लाबी नौजवान सभा झारखंड राज्य कमेटी के द्वारा आज 15 मार्च 2021 को विधानसभा मार्च कार्यक्रम के माध्यम से निम्नलिखित मांग पत्र समर्पित करते हैं:

इनकी मांगें :-

1. 5 लाख रोजगार देने का वादा पूरा किया जाय व तमाम रिक्त पड़े नियुक्तियों को अविलंब पूरा किया जाय।

2.सभी शिक्षित बेरोजगारों का जिले में अविलंब रजिस्ट्रेशन कर बेरोजगारी भत्ता न्यूनतम 10000₹ प्रति महीना सुनिश्चित किया जाय।

3.रेलवे सहित तमाम सरकारी संस्थानों को बेचे जाने के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पारित किया जाय।

4.प्राइवेट कंपनियों में झारखंड के नौजवानों के लिए 80% सीट आरक्षित किया जाय।

5.पारा शिक्षक, सहिया, आंगनबाड़ी सेविका, रसोईया आदि संविदा आधारित कर्मियों को अविलंब स्थाई नियुक्ति दी जाय।

6.सभी स्कूलों,कॉलेजों, पुस्तकालयों, छात्रावासों को तुरंत खोलें एवं कक्षाएं शुरू की जाए।

7.”नई शिक्षा नीति 2020″ वापस लेने हेतु विधानसभा में प्रस्ताव पारित किया जाय और सत्र 2020 से 22 तक के छात्रों का फी माफ हो, छात्रवृत्ति कटौती वापस लिया जाय।

8.जे.पी.एस.सी.की अनियमितता को दूर कर समय सीमा में परीक्षा व परिणाम घोषित करने की गारंटी करे।

9.अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं के लिए राज्य में उर्दू अकादमी का विशेष शाखा बनाया जाए।

10.झारखंड सरकार सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइन अनुसार मोबलिंचीन पर क़ानून बनाओ.