दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका के संसद में तोड़फोड़, 4 की मौत , वॉशिंगटन डीसी में कर्फ्यू

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Washington DCWasingatan: दुनिया के सबसे ताकतवर देश अमेरिका लोकतंत्र खतरे में है. कुछ माह पूर्व हुए राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप की हार के बाद से ही जो स्थितियां बनीं उसके बाद से हिंसा की आशंका थी. अब यह आशंका सही साबित हुई है.

इस बीच वाशिंगटन डीसी स्थित कैपिटल पर ट्रंप के समर्थक हिंसक हो गए. उन्होंने संसद में तोड़फोड़ और हिंसा की. इस दौरान पुलिस के साथ झड़प में गोली भी चली. गोली लगने से एक महिला समेत कम से कम चार लोगों की मौत हो गई है. पुलिस ने भारी मात्रा में विस्फोटक भी बरामद किया है. मिलिट्री की स्पेशल यूनिट ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ा. अब तक 25 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है. फिलहाल वॉशिंगटन डीसी में गुरुवार शाम 6 बजे तक कर्फ्यू है.

डोनाल्ड ट्रंप की जिद्द के कारण बिगड़े हालते
अमेरिका में ये स्थिति इसलिए बनी क्योंकि जिद्दी डोनाल्ड ट्रंप  हार मानने को तैयार नहीं दिख रहे. ट्रंप चुनावी धांधली के आरोप लगाकर जनमत को नकारते रहे. बता दें कि अमेरिकी चुनाव में डेमोक्रेट उम्मीदवार जो बाइडन को 306 और ट्रंप को 232 वोट मिले. नतीजे साफ होने के बावजूद ट्रंप ने हार नहीं कबूली. उनका आरोप है कि वोटिंग के दौरान और फिर काउंटिंग में बड़े पैमाने पर धांधली हुई. इसके कारण कई राज्यों में केस दर्ज कराए. ज्यादातर में ट्रंप समर्थकों की अपील खारिज हो गई. दो मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने भी उनकी याचिकाएं खारिज कर दीं.

बुधवार को इलेक्टोरल कॉलेज के वोटों की गिनती और बाइडन की जीत पर मुहर लगाने के लिए अमेरिकी संसद के दोनों सदन यानी सीनेट और हाउस ऑफ रिप्रेंजेंटेटिव की बैठक शुरू हुई. इसी दौरान ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी के सैकड़ों समर्थक संसद के बाहर जुट गए.

नेशनल गार्ड्स और पुलिस इन्हें समझा पाती, इसके पहले ही कुछ लोग अंदर दाखिल हो गए. यूएस कैपिटल और कांग्रेस के बाहर बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की. हिंसा हुई. इस दौरान गोली भी चली. किसने चलाई, क्यों चलाई? यह साफ नहीं है.

घटना के बाद डीसी में मौजूद यूएस आर्मी की स्पेशल यूनिट को बुलाया गया. महज 20 मिनट में इसने मोर्चा संभाला. कुल मिलाकर 1100 स्पेशल गार्ड्स अब भी कैपिटल हिल के बाहर और अंदर तैनात हैं. राजधानी में कर्फ्यू है. अमेरिकी संसद में हिंसा के बाद सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. न्यूयॉर्क के मेयर 1000 नेशनल गार्ड्स को सुरक्षा के लिए भेज रहे हैं.

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बाइडन बोले, यह कोई विरोध नहीं विद्रोह है
हिंसा पर जो बाइडन ने कहा, ‘यह कोई विरोध नहीं है. यह एक विद्रोह है. मैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आह्वान करता हूं कि वह अपनी शपथ पूरी करें और इस घेराबंदी को खत्म करने की मांग करें.’ बाइडन ने आगे कहा, ‘मैं साफ कर दूं कि कैपिटल बिल्डिंग पर जो हंगामा हमने देखा हम वैसे नहीं हैं. ये वह लोग हैं, जो कानून को नहीं मानते हैं.’

ट्रंप के कई करीबियों ने इस्तीफा दिया
अमेरिकी संसद में ट्रंप समर्थकों के हंगामे के बाद राष्ट्रपति ट्रंप के कई करीबियों के इस्तीफा देने की खबर है. व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी और सोशल सेक्रेटरी ने इस्तीफा दे दिया है.

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने यूएस कैपिटल में हिंसा को लेकर कहा, ‘इतिहास आज का दिन याद रखेगा. एक मौजूदा राष्ट्रपति कैसे अपनी जिद और झूठे दावों को लेकर पद पर बने रहने के लिए गैरकानूनी तरीके अपना रहा है. ये पल हमारे अमेरिका के लिए शर्म और अपमान का है.’

अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप को 5वें संविधान संशोधन के जरिए आज ही हटाया जा सकता है. अमेरिका के अटॉर्नी जनरल ने उपराष्ट्पति माइक पेंस से कहा है कि 25वें संविधान संशोधन के जरिए ट्रंप को हटाने की प्रक्रिया आज ही शुरू की जाए.