बिहार विधानसभा चुनाव के ऐलान के साथ ही नेताओं की जुबानी जंग छिड़ गई है। चुनावी मुद्दे तो दूर नेता-कार्यकर्ता निजी मसलों को भी भुना रहे हैं। इसी क्रम में शनिवार को राजद के नेता और प्रवक्ता भाई वीरेन्द्र ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोला।उन्होंने कहा कि उन्हें दुख है कि सीएम नीतीश कुमार तेजस्वी यादव जैसा बेटा पैदा नहीं कर पाए। उनके पास ऐसा बेटा नहीं जिसे वह पार्टी का मुख्य चेहरा बना सके। तेजस्वी की तारीफ के पुल बांधते हुए उन्होंने यह विवादित बयान दे डाला। उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद ने ऐसा बेटा पैदा किया है जो 5 साल में ही बिहार का बड़ा राजनीतिक चेहरा बन चुका है।इस बयान ने राजनीतिक बवाल काटा है। जेडीयू ने आक्रामक पलटवार करते हुए इसे पार्टी की राजनैतिक अपसंस्कृति बताया है। जदयू के मंत्री नीरज कुमार ने कहा कि पार्टी ऐसी अपसंस्कृति को बढ़ावा देती आई है। बयान देने वाले नेता वे हैं जिन्होंने चरवाहा विद्यालय से पढ़ाई की है। जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन ने राजद के नेताओं को वंशवाद का समर्थक बताया। उन्होंने कहा कि राजद के नेताओं को राजनीति विरासत में मिली है लेकिन जनता सच जानती है इसलिए इन्हें पूरी तरह नकार चुकी है।बयान पर भाजपा जेडीयू के साथ नजर आई। बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता अजफर शम्शी ने कहा कि राजद की ये टिप्पणी बेहद ओछी और दुर्भाग्यपूर्ण है। राजद नेताओं की भाषा शुरू से ही असंयमित रही है, इसलिए इनसे अपेक्षा रखना ही गलत है। ये राजद की गैर-संस्कृति को दिखाता है और यही संस्कृति और स्थिति बिहार में लाना चाहते हैं। चुनाव में पहले चरण का मतदान 28 अक्टूबर,दूसरे चरण का मतदान 3 नवंबर और तीसरे चरण का मतदान 7 नवंबर को होगा। ranjana pandey



