नेपाल सरकार भारत के भारी दबाव के बीच अपने कदम से पीछे हटा है। नेपाल के प्रधानमंत्री केपी ओली सरकार ने विवादित नक्शे वाली किताबों की वितरण पर रोक लगा दी है। नेपाल के विदेश व भू प्रबंधन मंत्रालय में इस किताब पर कड़ी आपत्ति जताई थी, जिसके बाद नेपाली कैबिनेट के निर्देश पर इस किताब के वितरण और प्रकाशन पर रोक लगाई गई है । नेपाली विदेश मंत्रालय का कहना है कि इस किताब में कहीं तथ्यात्मक गलतियां हैं , जिसके कारण इस किताब पर रोक लगाई गई है । बता दें कि नेपाल में इस विवादित नक्शे में भारत के कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधारा इलाकों को भी अपना क्षेत्र दिखाया था । नेपाल के कानून मंत्री शिव माया ने माना है कि कहीं गलत तथ्यों के साथ संवेदनशील मुद्दों पर किताब का प्रकाशन गलत कदम था ।
भारत ने नेपाल द्वारा हाल ही में किए गए प्रादेशिक दावों के कृत्रिम विस्तार का विरोध किया था, जिसे भारत ने पूरी तरह से नकार दिया था क्योंकि नेपाल ने अपने सांसद में लिपुलेख काला पानी और लिंपिया धारा क्षेत्रों की राजनीतिक मानचित्र को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी है जो कि भारत के उत्तराखंड राज्य में पड़ते हैं ।



