पटना हाईकोर्ट में कोरोना महामारी को लेकर दायर सात लोकहित याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई हुई। मामले पर सुनवाई के दौरान राज्य के महाधिवक्ता ललित किशोर ने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार ने आरटी पीसीआर जांच के शुल्क में कमी करने का फैसला लिया है। उन्होंने कोर्ट को बताया कि ढाई हजार के बदले पंद्रह सौ शुल्क किये जाने के बारे में एक से दो दिनों के भीतर अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। वहीं, जेपी सेनानी दिनेश कुमार सिंह की ओर से अधिवक्ता दीनू कुमार ने कोर्ट को बताया कि पूरे राज्य की आबादी का दो प्रतिशत लोगों का भी कोरोना टेस्ट नहीं हुआ है। बारह करोड़ की आबादी वाले राज्य में सिर्फ 9 आरटी पीसीआर मशीनें हैं। उनका कहना था कि कोविड अस्पतालों में सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेश के बावजूद सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए गए हैं। अधिवक्ता निखिल अग्रवाल ने एंटी बॉडीज टेस्ट का मुद्दा कोर्ट में उठाया। सभी पक्षों की ओर से पेश दलील को मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय करोल तथा न्यायमूर्ति एस कुमार की खंडपीठ ने सुनी। कोर्ट ने कहा कि सरकार की ओर से कार्रवाई की जा रही है। आगे से जूनियर डॉक्टर तथा स्टाफ की हड़ताल सहित कोविड वेस्ट निस्तारण और कोविड से हुई मौत के बाद अंतिम संस्कारों से जुड़े मुद्दों पर विचार किया जायेगा। कोर्ट ने मामले पर सुनवाई दो सप्ताह बाद करने का आदेश दिया।ranjana pandey



