रांची: परीक्षा आयोजित करने वाली निजी एजेंसी TDPL के पूर्व मार्केटिंग मैनेजर और मास्टरमाइंड मनोज कुमार तिवारी उर्फ अभय तिवारी ने अपने रसूख और पद का दुरुपयोग करके परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह से खिलौना बना दिया था।जांच में खुलासा हुआ है कि अभय तिवारी के पिता सुखदेव तिवारी ने भी वर्ष 2024 में TDPL के माध्यम से आयोजित जेपीएससी (JPSC) की FRO (फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर) और ACF (असिस्टेंट कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट) पीटी परीक्षा दी थी। दरअसल, ये खबर टायपिंग मिस्टेक निकली. पिता की मृत्यु 2018 में ही हो चुकी है.रांची सिविल कोर्ट के अपर न्यायिक आयुक्त प्रथम (CID) की अदालत ने सीआईडी थाना कांड संख्या 16/2026 से जुड़े मामले में 5 सितंबर 2026 को पारित अपने पूर्व आदेश में महत्वपूर्ण टंकण सुधार किया है। अदालत के समक्ष अभियोजन पक्ष यानी CID की ओर से दाखिल याचिका में कहा गया कि 5 सितंबर के आदेश के पैराग्राफ 9(i) में टंकण त्रुटि के कारण आरोपी अभय कुमार तिवारी के पिता का नाम इस तरह दर्ज हो गया था, जिससे यह अर्थ निकल रहा था कि उनके पिता ने भी परीक्षा दी थी। अभियोजन ने अदालत से इस त्रुटि को सुधारते हुए आरोपी के नाम के ठीक बाद उसके पिता का नाम दर्ज करने का अनुरोध किया था।




