रांची, 31 जुलाई: आम नागरिकों को राजस्व मामलों में त्वरित, पारदर्शी एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रांची के उपायुक्त ने शुक्रवार को राजस्व विभाग की समीक्षात्मक बैठक की। बैठक में लंबित म्यूटेशन मामलों, भूमि मापी एवं अन्य राजस्व कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब, लापरवाही और शिकायतों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में उपायुक्त ने सख्त लहजे में कहा कि जो पदाधिकारी अथवा कर्मचारी जानबूझकर राजस्व मामलों को लंबित रखेंगे या कार्य में अनावश्यक देरी करेंगे, उनके विरुद्ध जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने के लिए मजबूर करने वाले अधिकारियों के प्रति जिला प्रशासन जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएगा।
बैठक के दौरान अंचलवार लंबित म्यूटेशन मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिन अंचलों में लंबित मामलों की संख्या अधिक पाई गई, वहां के अंचल अधिकारियों को तत्काल मामलों का निष्पादन करने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि प्रत्येक लंबित मामले की व्यक्तिगत निगरानी की जाएगी और शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
राजस्व कार्यों में गुणवत्ता और गति सुनिश्चित करने के लिए अमीनों की रिक्तियों की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अपर समाहर्त्ता को आवश्यकतानुसार प्रशिक्षित अमीनों की प्रतिनियुक्ति एवं उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि भूमि मापी एवं अन्य राजस्व कार्य समय पर पूरे हो सकें।
बैठक में सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे राजस्व मामलों के निष्पादन में पारदर्शिता, जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ कार्य करें तथा यह सुनिश्चित करें कि आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध सेवाएं मिलें। उपायुक्त ने दोहराया कि जनहित सर्वोपरि है और राजस्व प्रशासन में लापरवाही करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
बैठक में अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) कुमार रजत, आईएएस प्रोबेशनर सुश्री आस्था शरण, अपर समाहर्त्ता रामनारायण सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी (बुंडू) मोहनलाल मरांडी, एलआरडीसी मुकेश कुमार, सभी अंचल अधिकारी तथा अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।




