रांची : मिडिया से बात करते हुए वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने राजनीति से संन्यास की घोषणा की है.राधाकृष्ण किशोर लगभग 45 वर्षों से सक्रिय राजनीति में हैं। अब वे आगे चुनाव ना लड़कर समाज के उत्थान के लिए काम करना चाहते हैं. उन्होंने सपष्ट किया है कि 2029 का चुनाव नहीं लड़ेंगे हालांकि परिस्थिति अगर कुछ और रही तो वे अपना फैसला बदल भी सकते हैं लेकिन उनकी इच्छा अब चुनाव न लड़कर लेखन कार्य और देशाटन की है.
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि 25 वर्ष की उम्र में वह विधायक बने थे और तब से उन्होंने लंबा सफर तय किया है। ऐसे में राजनीति में एक पड़ाव आना चाहिए, कि आपको स्वत: अवकाश ले लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि 2029 में जब चुनाव होगा तो मेरी राजनीतिक उम्र 50 वर्ष की हो जायेगी। भगवान अगर समय आपको दिया हो तो आप ज़रा धर्म-कर्म, सामाजिक उत्थान के लिए परिवार के लिए और कुछ देशाटन के लिए भी समय निकालना चाहिए.
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने आगे मिडिया के एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि केंद्र की राजनीति का उन्हें कोई लालसा नहीं है और उन्होंने उसमें कभी भूमिका भी नहीं निभाई है. हालांकि, इंदिरा गांधी के जमाने से वह केंद्र की राजनीति देखते जरूर आए हैं. 2029 का चुनाव नहीं लड़ेंगे. अभी तक यही मन बनाया है, आगे की परिस्थिति क्या होगी, यह कहना मुश्किल है.2029 के चुनाव के लिए तनिक भी इच्छुक नहीं हूँ मेरा मन कहता है समाज के लिए कुछ काम करें कुछ लिखने पढने का काम किया जाए कुछ वित्तीय व्यवस्था में जो त्रुटियाँ हैं हम उस पर कुछ लिखें. सबसे बड़ी बात ये है कि आज जिस तरह वोट बैंक के लिए धर्मों को बांटकर जातियों को बाँट कर लोग सत्ता तक पहुँच रहे ये भारत के लिए बड़ा नुकसानदेह बात है मैं इस पर भी कुछ लिखना चाहता हूँ. भारत में किसी भी धर्म में जन्म लेने वाले लोग दूसरे धर्म को अपनाने के लिए या तो खुद या लाचारी में उसे अपनाते हैं. इसके पीछे क्या वजह है, इस पर भी मैं लिखना चाहता हूं. ऐसे कई विषय हैं जिस पर लिखने की इच्छा होती है.




