रांची: 45 वर्षों से रिक्शा चलाकर जीवनयापन कर रहे गुमला के घाघरा निवासी किशुन भगत की मार्मिक कहानी सामने आने के बाद प्रशासन ने संज्ञान लिया है। रांची के उपायुक्त (DC) ने मामले का संज्ञान लेते हुए तत्काल राहत प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।किशुन भगत वर्ष 1981 से रांची की सड़कों पर पैडल रिक्शा चलाकर अपना जीवन चला रहे हैं। दशकों तक लोगों को उनकी मंज़िल तक पहुँचाने वाले किशुन भगत के पास आज भी अपना रिक्शा नहीं है। एक सड़क हादसे में उन्होंने अपनी पत्नी और बेटे को खो दिया, जिसके बाद वे पूरी तरह अकेले रह गए।बढ़ती उम्र और बदलते समय के बीच उनका संघर्ष लगातार जारी है। ऑनलाइन बुकिंग और आधुनिक परिवहन के दौर में उनकी आमदनी लगातार घटती गई। हालात ऐसे हो गए कि कई बार उन्हें बिना कमाई के भूखे पेट दिन गुजारना पड़ता है। इसके बावजूद वे अपनी बांसुरी की मधुर धुनों से लोगों का ध्यान आकर्षित करते रहे।मामला सामने आने के बाद रांची उपायुक्त ने संज्ञान लेते हुए बताया कि किशुन भगत को तत्काल राशन उपलब्ध करा दिया गया है। साथ ही, उन्हें राज्य सरकार की पेंशन योजना से जोड़ने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं।


