झारखण्ड:आज रांची में झारखण्ड आंदोलन के जननायक, झारखण्ड राज्य निर्माता, मेरे बाबा दिशोम गुरु स्व श्री शिबू सोरेन की 82 वीं जयंती के अवसर पर राज्य के होनहार विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य हेतु संचालित गुरूजी स्टूडेन्ट क्रेडिट कार्ड योजना के संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शामिल हुए |मुख्यमंत्री ने कहा,”बाबा ने समाज के संपूर्ण विकास के लिए शिक्षा पर बहुत जोर दिया था। बाबा के आदर्शों और मार्गदर्शन को हमने अपना लक्ष्य बनाया। और उनमें से एक लक्ष्य है कि यहां का हर बच्चा शिक्षित हो। यह तभी संभव है जब यहां बैठे नौजवान इसमें अपनी जिम्मेवारी निभाएंगे।आप सभी से निवेदन है आप एक कदम चलिए हम आपको 10 कदम आगे लेकर जाएंगे। आप अपना हाथ आगे बढ़ाइए, आपका हाथ पकड़ कर हम आपको आपकी मंजिल तक पहुंचाने का कार्य करेंगे।”
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, हम लोग आदरणीय गुरु जी के सिपाही हैं। जब उन्होंने कहा था कि राज्य अलग करेंगे। तो लोग उनकी हंसी उड़ाते थे। धीरे-धीरे इनका संकल्प इस कदर बदला कि पूरे राज्य से आवाज आने लगी-कैसे लेंगे झारखण्ड, लड़ कर लेंगे झारखण्ड और आखिरकार झारखण्ड हमने लिया।अब इस युवा झारखण्ड को सजाना-संवारना है, आने वाली पीढ़ी को बेहतर राह दिखाना है। इसलिए हमें पढ़ना है और आगे बढ़ना है।हमारी भावना है कि इस राज्य का विकास तभी हो सकता है जब गांव-गांव में नौजवान शिक्षित हों और आत्मनिर्भरता के साथ आगे बढ़ सकें। हमारा ग्रामीण क्षेत्र मजबूत होगा, तभी राज्य और देश मजबूत हो सकता है। क्योंकि कोई भी पेड़ तभी मजबूत हो सकता है जब उसकी जड़ें मजबूत होंगी। हम आज उस जड़ को मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं।पैसे के अभाव में हमारे होनहार बच्चे उच्च शिक्षा ग्रहण करने में पीछे रह जाते हैं। हम आपको आज सिर्फ सरकारी नौकरी के भरोसे नहीं खड़ा करना चाहते। हम आपको उस स्थिति में लाना चाहते हैं ताकि देश दुनिया की कोई भी स्पर्धा हो आप उसमें अव्वल आएं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा,दिशोम गुरू आदरणीय बाबा शिबू सोरेन की जयंती पर उनके स्मृति में बोकारो के जिला रामरूद्र मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय परिसर में मास्टर सोबरेन मांझी जिला पुस्तकालय का उद्घाटन एवं मानव शास्त्र विशेषकर विश्वस्तर पर आदिवासी जनजीवन के अध्ययन पर केंद्रीत 24*7 गुरूजी रात्रि पाठशाला की भी शुरूआत हो रही है।प्रथम चरण में प्रतिदिन रात्रि 8 बजे तक यह पुस्तकालय संचालित रहेगा। मुझे विश्वास है कि विद्यार्थियों में पढ़ने की रुचि विकसित करने, शोधपरक ज्ञान के प्रति जिज्ञासा बढ़ाने एवं व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।




