झारखण्ड : बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार से सपष्ट करने को कहा है कि सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में मंईयां योजना के फॉर्म क्यों स्वीकृत नहीं किए जा रहे. मरांडी ने एक्स पर लिखा,जानकारी मिल रही है कि सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में मंईयां सम्मान योजना के फॉर्म स्वीकृत नहीं किए जा रहे हैं। शिकायत यह भी मिल रही है कि पिछले वर्ष शिविर में जिन महिलाओं ने आवेदन जमा किए थे, उसे अब तक स्वीकृत नहीं किया गया।सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर किस कारण से मंईयां सम्मान योजना के फॉर्म नहीं लिए जा रहे हैं? क्या वजह है कि बांग्लादेशी घुसपैठियों और रोहिंग्या मुसलमानों को फर्जी तरीकों से लाभ पहुंचाया जा रहा है, जबकि झारखंड की माताओं-बहनों को उनके अधिकार से वंचित किया जा रहा है?मैं प्रारंभ से ही कह रहा हूं कि सरकार आपके द्वार कार्यक्रम जनता की आंखो में धूल झोंकने का प्रयास है। शिविर में जमा आवेदनों को कूड़े के ढेर में फेंक दिया जाता है।जिस सरकार को, जिन अधिकारियों को रिश्वतखोरी की आदत पड़ चुकी है और जो दफ्तर में मौजूद रहते हुए भी जनता का काम नहीं करते, ऐसे लोग शिविरों में क्या काम करेंगे?




