रांची: जिस भूमि पर रिम्स-2 के निर्माण की योजना है,स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि वह कृषि योग्य है और वहां पर सैकड़ों वर्षों से आदिवासी समुदाय खेती कर रहा है।ग्रामीणों ने इससे संबंधित आग्रह पत्र भी सांसद संजय सेठ को सौंपा है। आज वहां पहुंचकर स्थानीय ग्रामीणों के साथ सांस ने संवाद किया। उनकी समस्याओं को सुना। संजय सेठ का कहना है कि कांके, नगड़ी में सरकार के द्वारा रिम्स-2 के निर्माण के लिए जबरन जमीन ली जा रही है। सरकार को यह हठधर्मिता छोड़नी चाहिए। ऐसी जगह जहां लोग पुश्तैनी जमीन पर खेती करते हैं। अपनी आजीविका चलाते हैं, इस जमीन का जबरन अधिग्रहण करना कहीं से भी न्यायोचित नहीं है। सरकार को यह समझना चाहिए कि यह जमीन उनके जीवन यापन का जरिया है। रिम्स-2 का निर्माण जनहित में अवश्य हो, इस पर मेरी भी सहमति है। परंतु इसके लिए किसी गैर मजरूआ या ऐसी जमीन सरकार को देना चाहिए, जहां खेतीबारी नहीं होती हो और आम जनजीवन प्रभावित नहीं हो।




