रांची: मुख्यमंत्री मंईया सम्मान योजना, जो माननीय मुख्यमंत्री Hemant Soren द्वारा वर्ष 2024 में शुरू की गई थी, अब केवल आर्थिक सहायता का जरिया नहीं रहा— बल्कि यह ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविकासंवर्धन और आर्थिक सशक्तिकरण की नई राह बनती जा रही है।झारखंड स्टेट लाईवलीहुड प्रोमोशन सोसाइटी द्वारा राज्यभर में सखी मंडलों के माध्यम से सुनियोजित प्रयास किए जा रहे हैं ताकि मंईया सम्मान योजना के तहत प्राप्त राशि को महिलाएं स्वरोजगार व आयवर्धन गतिविधियों से जोड़ सकें। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर उद्यमी बनाना है।वर्तमान में झारखंड में 32 लाख से अधिक ग्रामीण महिलाएं सखी मंडलों से जुड़ी हैं, जिनमें से अधिकतम महिलाएं प्रत्यक्ष रूप से इस योजना के दायरे में हैं और लाभान्वित हो रहीं है। ग्रामीण विकास मंत्री श्रीमती Dipika पांडे सिंह के नेतृत्व में जेएसएलपीएस राज्य के सभी जिलों में प्रशिक्षण, क्रेडिट लिंकेज एवं अन्य सहयोग प्रदान कर यह प्रयास कर रहा है कि योजना की राशि महिलाओं के लिए स्थायी आजीविका का आधार बन सके।




