कोडरमा थाना क्षेत्र के छतरबर में होने वाले यज्ञ के लिए मंगत मांगने सात गांव के भ्रमण पर निकली चेचाई की महिलाओं पर छतरबर में पथराव के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई है।चेचाई की महिलाएं 9 से 17 अप्रैल तक होने वाले महायज्ञ को लेकर सात गांव से मंगत मांगने निकली थी, जिसमें से 11 महिलाओं के माथे पर टोकरी में कलश लेकर पंगत बनाकर वो जा रही थी। जानकारी के मुताबिक इसी दौरान छतरबर गांव से गुजरने के दौरान माथे पर रखे कलश को दूसरे समुदाय के असामाजिक तत्वों ने पत्थर मारकर तोड़ दिया। माथे पर रखे कलश पर पथराव के बाद कलश टूट गया और इलाके में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।घटना की जानकारी मिलने के बाद एसडीपीओ अनिल कुमार, डीएसपी मुख्यालय रतिभान सिंह, कोडराम जिले के सभी थाना प्रभारी पूरे दल बल के साथ गांव पहुंचे.स्थिति नियंत्रण में है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने आज एक्स पर लिखा “कोडरमा में कलश यात्रा के दौरान महिलाओं पर और गिरिडीह में रामनवमी का भजन बजाने के दौरान समुदाय विशेष द्वारा पथराव किए जाने की सूचना है।कलश यात्रा के दौरान महिलाओं पर पथराव की घटना न केवल घोर निंदनीय है, बल्कि राज्य सरकार और प्रशासन की पूरी तरह से विफलता का स्पष्ट प्रमाण भी है। यह कितना शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण है कि देवियों की उपासना से जुड़ी एक पवित्र यात्रा में शामिल माताओं-बहनों को सुरक्षा तक नहीं मिल पाती! जब पुलिसकर्मियों द्वारा शांति की अपील करने पर सरकार द्वारा उन्हें दंडित किया जाएगा, तो उपद्रवियों के हौसले बुलंद होना स्वाभाविक है।आज झारखंड में स्थिति इतनी भयावह हो चुकी है कि हिंदू समाज अपने ही त्योहारों को शांतिपूर्वक नहीं मना सकता। बंगाल में जिस प्रकार से हिंदू पर्वों को निशाना बनाया जाता है, उससे भी बदतर हालात अब झारखंड में बनते जा रहे हैं।हेमंत जी, हिंदू समाज के धैर्य की कठोर परीक्षा लेना बंद करिए। पत्थरबाजों पर सख्त कारवाई कर उदाहरण प्रस्तुत करिए ताकि सभी पर्व त्योहार सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सकें।”




