रांची : झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों ने 20 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास का घेराव करने का ऐलान किया है। झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने छात्रों के इस आंदोलन को भारतीय जनता पार्टी (BJP) का नैतिक समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को अपनी जिद छोड़कर बिना किसी देरी के छात्रों से बातचीत करनी चाहिए और उनकी मांगों पर ध्यान देना चाहिए।सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने छात्रों को विपक्षी दलों के भड़कावे में न आने की सलाह दी है। JMM नेताओं का आरोप है कि बीजेपी जैसे दल इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहे हैं। पार्टी के अनुसार, सरकार ने छात्रों की अधिकांश मांगों को मान लिया है और सुधार प्रक्रिया जारी है।
18 तारीख तक सरकार को अंतिम चेतावनी-रवींद्र पासवान
छात्र नेता रवींद्र पासवान ने कहा, “…छात्र अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं। आज हम इस आंदोलन के स्वरूप को तेज कर रहे हैं। झारखंड सरकार को हमारी गांधीवादी विचारधारा अच्छी नहीं लगी… जैसे शिबू सोरेन ने झारखंड निर्माण में आर-पार की लड़ाई लड़ी थी, अब हम उनके रास्ते पर चलने के लिए मजबूर हुए हैं। अब आर-पार की लड़ाई होगी। हम लोग आज झारखंड के 24 जिला मुख्यालय में हेमंत सोरेन और राहुल गांधी का पुतला दहन करने जा रहे हैं… हेमंत सोरेन राज्य सरकार के मुख्यमंत्री हैं और हमारी मांगों को लेकर गंभीर नहीं हैं। राहुल गांधी का पुतला दहन इसलिए करने जा रहे हैं क्योंकि कांग्रेस के समर्थन वाली सरकार है, राहुल गांधी उनके नेता हैं लेकिन वे भी छात्रों के साथ अपना समर्थन स्पष्ट नहीं कर रहे हैं… हम लोग 18 तारीख तक सरकार को अंतिम चेतावनी दे रहे हैं। जितनी जल्दी हो सके हमारी मांगों को मानिए नहीं तो झारकंड के कोने-कोने से छात्र आएंगे और मुख्यमंत्री आवास को घेरेंगे…”
20 तारीख से पहले छात्र भी थोड़ा लचीलापन दिखलाएं-JMM नेता मनोज पांडे
JMM नेता मनोज पांडे ने कहा, “लोकतंत्र में उन्हें अधिकार है कि वे अपने हकों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करें लेकिन किसी भी आंदोलन को डिरेल ना होने दें। उसमें किसी असामाजिक तत्वों का प्रवेश ना हो… मुझे लगता है कि इसकी नौबत नहीं आनी चाहिए। 20 तारीख से पहले छात्र भी थोड़ा लचीलापन दिखलाएं… अगर 1-2 बिंदुओं पर गतिरोध है तो उस पर संवाद किया जाए… कोर्ट की मध्यस्थता से जो परीक्षा फल प्रकाशित हुए हों, लोग नौकरियां भी कर रहे हैं, उसे कैसे रद्द किया जाएगा? क्या उसे रद्द करने से अवमानना का केस नहीं बनेगा? ये बहुत जरूरी बात है और दोनों पक्षों को इसे समझना होगा। छात्र हित में जो भी बेहतर से बेहतर कदम होगा, सरकार उठाने के लिए तैयार है। छात्र हमारे हैं, छात्र अपने हैं। हम छात्रों के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं करते हैं… सरकार को भी छात्रों के साथ आना चाहिए…”
छात्रों ने विवश होकर 20 तारीख को मुख्यमंत्री आवास के घेराव और पुतला दहन की घोषणा करनी पड़ी-नवीन जायसवाल
भाजपा विधायक नवीन जायसवाल ने कहा, “झारखंड का ये दुर्भाग्य है। झारखंड के छात्र व युवा पिछले 22 दिनों से बहुत संयमित ढंग से आंदोलन कर रहे हैं…जंतर-मंतर के आंदोलन में जेन-जी का जो चेहरा सामने आया, उसी जेन-जी का दूसरा चेहरा भी झारखंड के छात्रों ने दिखाया कि शांतिपूर्ण तरीके से भी अपनी बात सरकार के पास पहुंचाई जा सकती है। बहुत दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि आज उन छात्रों ने विवश होकर 20 तारीख को मुख्यमंत्री आवास के घेराव और पुतला दहन की घोषणा करनी पड़ी है…सत्ता में काबिज कैसे रहें, कांग्रेस को उसकी चिंता है लेकिन छात्रों की चिंता नहीं है।”




