सिपाही भर्ती दौड़ में अब तक 12 की मौ*त,पीड़ित परिवारों के लिए 50-50 लाख और सरकारी नौकरी की भाजपा ने की मांग

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रांची : झारखंड उत्पाद सिपाही बहाली भर्ती के शारीरिक दक्षता परीक्षा दौरान अब तक 12 अभ्यर्थियों की मौ*त हो गयी है.जबकि 100 से अधिक अभ्यर्थी का इलाज चल रहा है. इन मौतों के पीछे का कोई ठोस कारण अब तक पता नहीं चल पाया है। इसी बीच भाजपा ने झामुमो सरकार पर निशाना साधा है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी एक्स पर लिखते हैं “उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा के 500 सीटों की बहाली में 11 होनहार युवा अब तक अपनी जान गंवा चुके हैं, यानी 2% से भी ज्यादा…ये मरने वाले सभी युवा अपने गरीब परिवार का सहारा थे, अपने मां-बाप की आंखों का तारा थे।सामान्यतः भर्ती प्रक्रिया में पहले लिखित परीक्षा होती है, उसके पश्चात सफल अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षण के लिए दौड़ का आयोजन किया जाता है।लेकिन मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM ने माहौल बनाने के लिए जल्दीबाजी में बिना किसी तैयारी के, बेरोज़गारों को तैयारी के लिये मात्र पन्द्रह दिनों का मौक़ा देकर दौड़ का आयोजन कर 11 होनहार युवाओं की बलि ले ली। अपनी हवाबाजी दिखाने के लिए हेमंत सोरेन ने एक गैर न्यायिक अमानवीय काम किया है।11 युवाओं के मौत के लिये ज़िम्मेवार लोगों को चिन्हित करने के लिये न्यायिक आयोग बनाकर जॉंच करायी जानी चाहिए। हेमंत जी, मृत युवाओं के परिवारों को अविलंब 50-50 लाख रुपए का मुआवजा और सरकारी नौकरी दीजिए। साथ ही, सरकार की अव्यवस्था के कारण आगे किसी भी बहाली में एक भी मौत ना हो, यह सुनिश्चित करिये।”

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